हमारे इंटरैक्टिव पाठक के साथ पवित्र क़ुरआन का अन्वेषण करें। ऑडियो पाठ, अनुवाद और हिफ़्ज़ उपकरण उपलब्ध हैं।
नबी ﷺ ने कहा: « जो व्यक्ति अल्लाह की किताब का एक अक्षर पढ़ता है, उसे एक अच्छा कर्म मिलता है, और हर अच्छा कर्म दस गुना बढ़ जाता है। मैं यह नहीं कहता कि 'अलिफ़-लाम-मीम' एक अक्षर है, बल्कि अलिफ़ एक अक्षर है, लाम एक अक्षर है और मीम एक अक्षर है। » तिरमिज़ी द्वारा वर्णित
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿١﴾
अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।
ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ ﴿٢﴾
तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।
ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿٣﴾
रहमान और रहीम है।
مَـٰلِكِ يَوْمِ ٱلدِّينِ ﴿٤﴾
रोज़े जज़ा का मालिक है।
إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ ﴿٥﴾
हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद मांगते है।
ٱهْدِنَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ ﴿٦﴾
हमें सीधा रास्ता दिखा।
صِرَٰطَ ٱلَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ ٱلْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا ٱلضَّآلِّينَ ﴿٧﴾
उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम फ़रमाया, जो माअतूब नहीं हुए, जो भटके हुए नहीं है।