क़ुरआन का रुकू 517 पढ़ें

रुकू 517 सूरह Al-Mursalat (आयत 41 से 50) से है। इसमें 10 आयतें हैं और यह जुज़ 29 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 517

10
आयतें
1
सूरह
29
जुज़
v.41 – v.50
आयतें

रुकू 517 में सूरह

المرسلات · जुज़ 29
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पृष्ठ 581
रुकू 517
سورة المرسلات
जुज़ 29 97.7% (421/431)
हिज़्ब 58 95.6% (215/225)

إِنَّ ٱلْمُتَّقِينَ فِى ظِلَـٰلٍۢ وَعُيُونٍۢ ﴿41﴾

बेशक परहेज़गार लोग (दरख्तों की) घनी छाँव में होंगे

وَفَوَٰكِهَ مِمَّا يَشْتَهُونَ ﴿42﴾

और चश्मों और आदमियों में जो उन्हें मरग़ूब हो

كُلُوا۟ وَٱشْرَبُوا۟ هَنِيٓـًٔۢا بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴿43﴾

(दुनिया में) जो अमल करते थे उसके बदले में मज़े से खाओ पियो

إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ ﴿44﴾

मुबारक हम नेकोकारों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं

وَيْلٌۭ يَوْمَئِذٍۢ لِّلْمُكَذِّبِينَ ﴿45﴾

उस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है

كُلُوا۟ وَتَمَتَّعُوا۟ قَلِيلًا إِنَّكُم مُّجْرِمُونَ ﴿46﴾

(झुठलाने वालों) चन्द दिन चैन से खा पी लो तुम बेशक गुनेहगार हो

وَيْلٌۭ يَوْمَئِذٍۢ لِّلْمُكَذِّبِينَ ﴿47﴾

उस दिन झुठलाने वालों की मिट्टी ख़राब है

وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ ٱرْكَعُوا۟ لَا يَرْكَعُونَ ﴿48﴾

और जब उनसे कहा जाता है कि रूकूउ करों तो रूकूउ नहीं करते

وَيْلٌۭ يَوْمَئِذٍۢ لِّلْمُكَذِّبِينَ ﴿49﴾

उस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है

فَبِأَىِّ حَدِيثٍۭ بَعْدَهُۥ يُؤْمِنُونَ ﴿50﴾

अब इसके बाद ये किस बात पर ईमान लाएँगे

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 3 रबी अल-सानी
الأربعاء 3 ربيع الآخر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 4.1 / 29.5
रोशनी 18%
11 दिनों में पूर्णिमा
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है