सूरह Al-Maun पढ़ें

सूरह Al-Maun (الماعون) क़ुरआन की एक मक्की सूरह है जिसमें 7 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

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सूरह Al-Maun अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 18 / 114
(मक्की)
25
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अक्षर
-96.3% औसत से
1
पढ़ने का मिनट
7
आयतें
-87.2% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 0
رب 0

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

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ٱ
8
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الماعون · जुज़ 30
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सूरह Al-Maun पढ़ें
سورة قريش
जुज़ 30 93.1% (525/564)
हिज़्ब 60 86.5% (249/288)

أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ ﴿1﴾

क्या तुमने उस शख़्श को भी देखा है जो रोज़ जज़ा को झुठलाता है

فَذَٰلِكَ ٱلَّذِى يَدُعُّ ٱلْيَتِيمَ ﴿2﴾

ये तो वही (कम्बख्त) है जो यतीम को धक्के देता है

وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ ﴿3﴾

और मोहताजों को खिलाने के लिए (लोगों को) आमादा नहीं करता

فَوَيْلٌۭ لِّلْمُصَلِّينَ ﴿4﴾

तो उन नमाज़ियों की तबाही है

ٱلَّذِينَ هُمْ عَن صَلَاتِهِمْ سَاهُونَ ﴿5﴾

जो अपनी नमाज़ से ग़ाफिल रहते हैं

ٱلَّذِينَ هُمْ يُرَآءُونَ ﴿6﴾

जो दिखाने के वास्ते करते हैं

وَيَمْنَعُونَ ٱلْمَاعُونَ ﴿7﴾

और रोज़मर्रा की मालूली चीज़ें भी आरियत नहीं देते

بسم الله الرحمن الرحيم गुरु 4 रबी अल-सानी
الخميس 4 ربيع الآخر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 5.5 / 29.5
रोशनी 30%
9 दिनों में पूर्णिमा
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है