सूरह Al-Kafirun पढ़ें

सूरह Al-Kafirun (الكافرون) क़ुरआन की एक मक्की सूरह सूरह है जिसमें 6 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

28 अक्टूबर 2026 को 00h24 बजे अपडेट किया गया

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सूरह Al-Kafirun अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 109 / 114
(मदनी सूरह)
26
शब्द
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अक्षर
-96.7% औसत से
1
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6
आयतें
-89.0% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 0
رب 0

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

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#1
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ن
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9
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8
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الكافرون · जुज़ 30
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سورة الكافرون
जुज़ 30 94.9% (535/564)
हिज़्ब 60 89.9% (259/288)

قُلْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْكَـٰفِرُونَ ﴿1﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ऐ काफिरों

لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ ﴿2﴾

तुम जिन चीज़ों को पूजते हो, मैं उनको नहीं पूजता

وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ ﴿3﴾

और जिस (ख़ुदा) की मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत नहीं करते

وَلَآ أَنَا۠ عَابِدٌۭ مَّا عَبَدتُّمْ ﴿4﴾

और जिन्हें तुम पूजते हो मैं उनका पूजने वाला नहीं

وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ ﴿5﴾

और जिसकी मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत करने वाले नहीं

لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِىَ دِينِ ﴿6﴾

तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन मेरे लिए मेरा दीन

بسم الله الرحمن الرحيم रवि 20 जुमादा अल-अव्वल
الأحد 20 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 21.3 / 29.5
रोशनी 59%
8 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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