सूरह Al-Kafirun पढ़ें

सूरह Al-Kafirun (الكافرون) क़ुरआन की एक मक्की सूरह है जिसमें 6 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

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सूरह Al-Kafirun अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
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आयतें
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मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 0
رب 0

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

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8
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الكافرون · जुज़ 30
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सूरह Al-Kafirun पढ़ें
سورة الكافرون
जुज़ 30 94.9% (535/564)
हिज़्ब 60 89.9% (259/288)

قُلْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْكَـٰفِرُونَ ﴿1﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ऐ काफिरों

لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ ﴿2﴾

तुम जिन चीज़ों को पूजते हो, मैं उनको नहीं पूजता

وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ ﴿3﴾

और जिस (ख़ुदा) की मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत नहीं करते

وَلَآ أَنَا۠ عَابِدٌۭ مَّا عَبَدتُّمْ ﴿4﴾

और जिन्हें तुम पूजते हो मैं उनका पूजने वाला नहीं

وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ ﴿5﴾

और जिसकी मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत करने वाले नहीं

لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِىَ دِينِ ﴿6﴾

तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन मेरे लिए मेरा दीन

بسم الله الرحمن الرحيم गुरु 4 रबी अल-सानी
الخميس 4 ربيع الآخر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 5.5 / 29.5
रोशनी 30%
9 दिनों में पूर्णिमा
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है