सूरह An-Nasr पढ़ें

सूरह An-Nasr (النصر) क़ुरआन की एक मदनी सूरह है जिसमें 3 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

सूरह An-Nasr अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 112 / 114
(मदनी)
20
शब्द
-97.2% औसत से
84
अक्षर
-97.3% औसत से
1
पढ़ने का मिनट
3
आयतें
-94.5% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 2
رب 1

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

ا
8
#1
ل
7
#2
ن
6
#3
و
6
#4
ٱ
5
#5
النصر · जुज़ 30
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सूरह An-Nasr पढ़ें
سورة الكافرون
जुज़ 30 95.9% (541/564)
हिज़्ब 60 92.0% (265/288)

إِذَا جَآءَ نَصْرُ ٱللَّهِ وَٱلْفَتْحُ ﴿1﴾

ऐ रसूल जब ख़ुदा की मदद आ पहँचेगी

وَرَأَيْتَ ٱلنَّاسَ يَدْخُلُونَ فِى دِينِ ٱللَّهِ أَفْوَاجًۭا ﴿2﴾

और फतेह (मक्का) हो जाएगी और तुम लोगों को देखोगे कि गोल के गोल ख़ुदा के दीन में दाख़िल हो रहे हैं

فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَٱسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ تَوَّابًۢا ﴿3﴾

तो तुम अपने परवरदिगार की तारीफ़ के साथ तसबीह करना और उसी से मग़फेरत की दुआ माँगना वह बेशक बड़ा माफ़ करने वाला है

بسم الله الرحمن الرحيم शुक्र 5 रबी अल-सानी
الجمعة 5 ربيع الآخر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 6.7 / 29.5
रोशनी 42%
8 दिनों में पूर्णिमा
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं