सूरह Al-Masad (المسد) क़ुरआन की एक मक्की सूरह है जिसमें 5 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।
05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया
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تَبَّتْ يَدَآ أَبِى لَهَبٍۢ وَتَبَّ ﴿١﴾
अबु लहब के हाथ टूट जाएँ और वह ख़ुद सत्यानास हो जाए
مَآ أَغْنَىٰ عَنْهُ مَالُهُۥ وَمَا كَسَبَ ﴿٢﴾
(आख़िर) न उसका माल ही उसके हाथ आया और (न) उसने कमाया
سَيَصْلَىٰ نَارًۭا ذَاتَ لَهَبٍۢ ﴿٣﴾
वह बहुत भड़कती हुई आग में दाख़िल होगा
وَٱمْرَأَتُهُۥ حَمَّالَةَ ٱلْحَطَبِ ﴿٤﴾
और उसकी जोरू भी जो सर पर ईंधन उठाए फिरती है
فِى جِيدِهَا حَبْلٌۭ مِّن مَّسَدٍۭ ﴿٥﴾
और उसके गले में बटी हुई रस्सी बँधी है