सूरह Al-Ikhlas पढ़ें

सूरह Al-Ikhlas (الإخلاص) क़ुरआन की एक मक्की सूरह सूरह है जिसमें 4 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

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सूरह Al-Ikhlas अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 22 / 114
(मक्की सूरह)
15
शब्द
-97.9% औसत से
49
अक्षर
-98.4% औसत से
1
पढ़ने का मिनट
4
आयतें
-92.7% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 2
رب 0

मुख्य विषय

#Tawhid #Oneness #Allah

उल्लेखनीय आयतें

• शुद्ध तौहीद (एकेश्वरवाद): Sourate entière

क्या आप जानते हैं?

Equals one-third of the Quran

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

ل
12
#1
و
5
#2
د
5
#3
ه
4
#4
م
4
#5
الإخلاص · जुज़ 30
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سورة الإخلاص
जुज़ 30 97.3% (549/564)
हिज़्ब 60 94.8% (273/288)

قُلْ هُوَ ٱللَّهُ أَحَدٌ ﴿1﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ख़ुदा एक है

ٱللَّهُ ٱلصَّمَدُ ﴿2﴾

ख़ुदा बरहक़ बेनियाज़ है

لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ ﴿3﴾

न उसने किसी को जना न उसको किसी ने जना,

وَلَمْ يَكُن لَّهُۥ كُفُوًا أَحَدٌۢ ﴿4﴾

और उसका कोई हमसर नहीं

بسم الله الرحمن الرحيم शनि 5 जुमादा अल-अव्वल
السبت 5 جمادى الأولى
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 6.4 / 29.5
रोशनी 40%
8 दिनों में पूर्णिमा
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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