الأعراف · जुज़ 8
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क़ुरआन का रुकू 128 पढ़ें

रुकू 128 सूरह Al-Araf (आयत 54 से 58) से है। इसमें 5 आयतें हैं और यह जुज़ 8 में है।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

Ruku 128 dans le Coran

5
आयतें
1
सूरह
8
जुज़
v.54 – v.58
आयतें

Sourate dans le Ruku 128

पृष्ठ 158
रुकू 128
سورة الأعراف
जुज़ 8 78.9% (112/142)
हिज़्ब 16 65.5% (57/87)

وَٱلْبَلَدُ ٱلطَّيِّبُ يَخْرُجُ نَبَاتُهُۥ بِإِذْنِ رَبِّهِۦ ۖ وَٱلَّذِى خَبُثَ لَا يَخْرُجُ إِلَّا نَكِدًۭا ۚ كَذَٰلِكَ نُصَرِّفُ ٱلْـَٔايَـٰتِ لِقَوْمٍۢ يَشْكُرُونَ ﴿٥٨﴾

हम यूं ही (क़यामत के दिन ज़मीन से) मुर्दों को निकालेंगें ताकि तुम लोग नसीहत व इबरत हासिल करो और उम्दा ज़मीन उसके परवरदिगार के हुक्म से उस सब्ज़ा (अच्छा ही) है और जो ज़मीन बड़ी है उसकी पैदावार ख़राब ही होती है

بسم الله الرحمن الرحيم गुरु 30 मुहर्रम
الخميس 30 محرّم
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 2 / 29.5
रोशनी 5%
13 दिनों में पूर्णिमा
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ