ابراهيم · जुज़ 13
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क़ुरआन का रुकू 213 पढ़ें

रुकू 213 सूरह Ibrahim (आयत 13 से 21) से है। इसमें 9 आयतें हैं और यह जुज़ 13 में है।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

Ruku 213 dans le Coran

9
आयतें
1
सूरह
13
जुज़
v.13 – v.21
आयतें

Sourate dans le Ruku 213

पृष्ठ 258
रुकू 213
سورة ابراهيم
जुज़ 13 77.9% (120/154)
हिज़्ब 26 55.8% (43/77)

أَلَمْ تَرَ أَنَّ ٱللَّهَ خَلَقَ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ بِٱلْحَقِّ ۚ إِن يَشَأْ يُذْهِبْكُمْ وَيَأْتِ بِخَلْقٍۢ جَدِيدٍۢ ﴿١٩﴾

क्या तूने नहीं देखा कि ख़ुदा ही ने सारे आसमान व ज़मीन ज़रुर मसलहत से पैदा किए अगर वह चाहे तो सबको मिटाकर एक नई खिलक़त (बस्ती) ला बसाए

وَمَا ذَٰلِكَ عَلَى ٱللَّهِ بِعَزِيزٍۢ ﴿٢٠﴾

औ ये ख़ुदा पर कुछ भी दुशवार नहीं

وَبَرَزُوا۟ لِلَّهِ جَمِيعًۭا فَقَالَ ٱلضُّعَفَـٰٓؤُا۟ لِلَّذِينَ ٱسْتَكْبَرُوٓا۟ إِنَّا كُنَّا لَكُمْ تَبَعًۭا فَهَلْ أَنتُم مُّغْنُونَ عَنَّا مِنْ عَذَابِ ٱللَّهِ مِن شَىْءٍۢ ۚ قَالُوا۟ لَوْ هَدَىٰنَا ٱللَّهُ لَهَدَيْنَـٰكُمْ ۖ سَوَآءٌ عَلَيْنَآ أَجَزِعْنَآ أَمْ صَبَرْنَا مَا لَنَا مِن مَّحِيصٍۢ ﴿٢١﴾

और (क़यामत के दिन) लोग सबके सब ख़ुदा के सामने निकल खड़े होगें जो लोग (दुनिया में कमज़ोर थे बड़ी इज्ज़त रखने वालो से (उस वक्त) क़हेंगें कि हम तो बस तुम्हारे क़दम ब क़दम चलने वाले थे तो क्या (आज) तुम ख़ुदा के अज़ाब से कुछ भी हमारे आड़े आ सकते हो वह जवाब देगें काश ख़ुदा हमारी हिदायत करता तो हम भी तुम्हारी हिदायत करते हम ख्वाह बेक़रारी करें ख्वाह सब्र करे (दोनो) हमारे लिए बराबर है (क्योंकि अज़ाब से) हमें तो अब छुटकारा नहीं

بسم الله الرحمن الرحيم गुरु 30 मुहर्रम
الخميس 30 محرّم
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 2 / 29.5
रोशनी 5%
13 दिनों में पूर्णिमा
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है