الفرقان · जुज़ 19
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क़ुरआन का रुकू 314 पढ़ें

रुकू 314 सूरह Al-Furqan (आयत 45 से 60) से है। इसमें 16 आयतें हैं और यह जुज़ 19 में है।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

Ruku 314 dans le Coran

16
आयतें
1
सूरह
19
जुज़
v.45 – v.60
आयतें

Sourate dans le Ruku 314

पृष्ठ 365
रुकू 314
سورة الفرقان
जुज़ 19 10.3% (35/339)
हिज़्ब 37 21.0% (35/167)

وَمَآ أَرْسَلْنَـٰكَ إِلَّا مُبَشِّرًۭا وَنَذِيرًۭا ﴿٥٦﴾

और (ऐ रसूल) हमने तो तुमको बस (नेकी को जन्नत की) खुशख़बरी देने वाला और (बुरों को अज़ाब से) डराने वाला बनाकर भेजा है

قُلْ مَآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ إِلَّا مَن شَآءَ أَن يَتَّخِذَ إِلَىٰ رَبِّهِۦ سَبِيلًۭا ﴿٥٧﴾

और उन लोगों से तुम कह दो कि मै इस (तबलीगे रिसालत) पर तुमसे कुछ मज़दूरी तो माँगता नहीं हूँ मगर तमन्ना ये है कि जो चाहे अपने परवरदिगार तक पहुँचने की राह पकडे

وَتَوَكَّلْ عَلَى ٱلْحَىِّ ٱلَّذِى لَا يَمُوتُ وَسَبِّحْ بِحَمْدِهِۦ ۚ وَكَفَىٰ بِهِۦ بِذُنُوبِ عِبَادِهِۦ خَبِيرًا ﴿٥٨﴾

और (ऐ रसूल) तुम उस (ख़ुदा) पर भरोसा रखो जो ऐसा ज़िन्दा है कि कभी नहीं मरेगा और उसकी हम्द व सना की तस्बीह पढ़ो और वह अपने बन्दों के गुनाहों की वाक़िफ कारी में काफी है (वह ख़ुद समझ लेगा)

ٱلَّذِى خَلَقَ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا فِى سِتَّةِ أَيَّامٍۢ ثُمَّ ٱسْتَوَىٰ عَلَى ٱلْعَرْشِ ۚ ٱلرَّحْمَـٰنُ فَسْـَٔلْ بِهِۦ خَبِيرًۭا ﴿٥٩﴾

जिसने सारे आसमान व ज़मीन और जो कुछ उन दोनों में है छह: दिन में पैदा किया फिर अर्श (के बनाने) पर आमादा हुआ और वह बड़ा मेहरबान है तो तुम उसका हाल किसी बाख़बर ही से पूछना

وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ ٱسْجُدُوا۟ لِلرَّحْمَـٰنِ قَالُوا۟ وَمَا ٱلرَّحْمَـٰنُ أَنَسْجُدُ لِمَا تَأْمُرُنَا وَزَادَهُمْ نُفُورًۭا ۩ ﴿٦٠﴾

और जब उन कुफ्फारों से कहा जाता है कि रहमान (ख़ुदा) को सजदा करो तो कहते हैं कि रहमान क्या चीज़ है तुम जिसके लिए कहते हो हम उस का सजदा करने लगें और (इससे) उनकी नफरत और बढ़ जाती है (60) सजदा

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