السجدة · जुज़ 21
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क़ुरआन का रुकू 360 पढ़ें

रुकू 360 सूरह As-Sajda (आयत 23 से 30) से है। इसमें 8 आयतें हैं और यह जुज़ 21 में है।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

Ruku 360 dans le Coran

8
आयतें
1
सूरह
21
जुज़
v.23 – v.30
आयतें

Sourate dans le Ruku 360

पृष्ठ 417
रुकू 360
سورة السجدة
जुज़ 21 78.7% (140/178)
हिज़्ब 42 47.9% (35/73)

وَلَقَدْ ءَاتَيْنَا مُوسَى ٱلْكِتَـٰبَ فَلَا تَكُن فِى مِرْيَةٍۢ مِّن لِّقَآئِهِۦ ۖ وَجَعَلْنَـٰهُ هُدًۭى لِّبَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ ﴿٢٣﴾

और (ऐ रसूल) हमने तो मूसा को भी (आसमानी किताब) तौरेत अता की थी तुम भी इस किताब (कुरान) के (अल्लाह की तरफ से) मिलने में शक में न पड़े रहो और हमने इस (तौरेत) तो तुम को भी बनी इसराईल के लिए रहनुमा क़रार दिया था

وَجَعَلْنَا مِنْهُمْ أَئِمَّةًۭ يَهْدُونَ بِأَمْرِنَا لَمَّا صَبَرُوا۟ ۖ وَكَانُوا۟ بِـَٔايَـٰتِنَا يُوقِنُونَ ﴿٢٤﴾

और उन्ही (बनी इसराईल) में से हमने कुछ लोगों को चूंकि उन्होंने (मुसीबतों पर) सब्र किया था पेशवा बनाया जो हमारे हुक्म से (लोगो की) हिदायत करते थे और (इसके अलावा) हमारी आयतो का दिल से यक़ीन रखते थे

إِنَّ رَبَّكَ هُوَ يَفْصِلُ بَيْنَهُمْ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ فِيمَا كَانُوا۟ فِيهِ يَخْتَلِفُونَ ﴿٢٥﴾

(ऐ रसूल) हसमें शक़ नहीं कि जिन बातों में लोग (दुनिया में) बाहम झगड़ते रहते हैं क़यामत के दिन तुम्हारा परवरदिगार क़तई फैसला कर देगा

أَوَلَمْ يَهْدِ لَهُمْ كَمْ أَهْلَكْنَا مِن قَبْلِهِم مِّنَ ٱلْقُرُونِ يَمْشُونَ فِى مَسَـٰكِنِهِمْ ۚ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَـٰتٍ ۖ أَفَلَا يَسْمَعُونَ ﴿٢٦﴾

क्या उन लोगों को ये मालूम नहीं कि हमने उनसे पहले कितनी उम्मतों को हलाक कर डाला जिन के घरों में ये लोग चल फिर रहें हैं बेशक उसमे (कुदरते ख़ुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं तो क्या ये लोग सुनते नहीं हैं

أَوَلَمْ يَرَوْا۟ أَنَّا نَسُوقُ ٱلْمَآءَ إِلَى ٱلْأَرْضِ ٱلْجُرُزِ فَنُخْرِجُ بِهِۦ زَرْعًۭا تَأْكُلُ مِنْهُ أَنْعَـٰمُهُمْ وَأَنفُسُهُمْ ۖ أَفَلَا يُبْصِرُونَ ﴿٢٧﴾

क्या इन लोगों ने इस पर भी ग़ौर नहीं किया कि हम चटियल मैदान (इफ़तादा) ज़मीन की तरफ पानी को जारी करते हैं फिर उसके ज़रिए से हम घास पात लगाते हैं जिसे उनके जानवर और ये ख़ुद भी खाते हैं तो क्या ये लोग इतना भी नहीं देखते

وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هَـٰذَا ٱلْفَتْحُ إِن كُنتُمْ صَـٰدِقِينَ ﴿٢٨﴾

और ये लोग कहते है कि अगर तुम लोग सच्चे हो (कि क़यामत आएगी) तो (आख़िर) ये फैसला कब होगा

قُلْ يَوْمَ ٱلْفَتْحِ لَا يَنفَعُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓا۟ إِيمَـٰنُهُمْ وَلَا هُمْ يُنظَرُونَ ﴿٢٩﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि फैसले के दिन कुफ्फ़ार को उनका ईमान लाना कुछ काम न आएगा और न उनको (इसकी) मोहलत दी जाएगी

فَأَعْرِضْ عَنْهُمْ وَٱنتَظِرْ إِنَّهُم مُّنتَظِرُونَ ﴿٣٠﴾

ग़रज़ तुम उनकी बातों का ख्याल छोड़ दो और तुम मुन्तज़िर रहो (आख़िर) वह लोग भी तो इन्तज़ार कर रहे हैं

بسم الله الرحمن الرحيم शुक्र 24 मुहर्रम
الجمعة 24 محرّم
هلال متناقص घटता हुआ अर्धचंद्र दिन 25.2 / 29.5
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4 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है