ص · जुज़ 23
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क़ुरआन का रुकू 395 पढ़ें

रुकू 395 सूरह Sad (आयत 65 से 88) से है। इसमें 24 आयतें हैं और यह जुज़ 23 में है।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

Ruku 395 dans le Coran

24
आयतें
1
सूरह
23
जुज़
v.65 – v.88
आयतें

Sourate dans le Ruku 395

पृष्ठ 458
रुकू 395
سورة ص
जुज़ 23 89.9% (321/357)
हिज़्ब 46 77.1% (121/157)

قَالَ فَٱلْحَقُّ وَٱلْحَقَّ أَقُولُ ﴿٨٤﴾

और मैं तो हक़ ही कहा करता हूँ

لَأَمْلَأَنَّ جَهَنَّمَ مِنكَ وَمِمَّن تَبِعَكَ مِنْهُمْ أَجْمَعِينَ ﴿٨٥﴾

कि मैं तुझसे और जो लोग तेरी ताबेदारी करेंगे उन सब से जहन्नुम को ज़रूर भरूँगा

قُلْ مَآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍۢ وَمَآ أَنَا۠ مِنَ ٱلْمُتَكَلِّفِينَ ﴿٨٦﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं तो तुमसे न इस (तबलीग़े रिसालत) की मज़दूरी माँगता हूँ और न मैं (झूठ मूठ) बनावट करने वाला हूँ

إِنْ هُوَ إِلَّا ذِكْرٌۭ لِّلْعَـٰلَمِينَ ﴿٨٧﴾

ये (क़ुरान) तो बस सारे जहाँन के लिए नसीहत है

وَلَتَعْلَمُنَّ نَبَأَهُۥ بَعْدَ حِينٍۭ ﴿٨٨﴾

और कुछ दिनों बाद तुमको इसकी हक़ीकत मालूम हो जाएगी

بسم الله الرحمن الرحيم शुक्र 24 मुहर्रम
الجمعة 24 محرّم
هلال متناقص घटता हुआ अर्धचंद्र दिन 25.1 / 29.5
रोशनी 21%
4 दिनों में अमावस्या
الله أكبر अल्लाह सबसे महान है