غافر · जुज़ 24
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क़ुरआन का रुकू 406 पढ़ें

रुकू 406 सूरह Ghafir (आयत 21 से 27) से है। इसमें 7 आयतें हैं और यह जुज़ 24 में है।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

Ruku 406 dans le Coran

7
आयतें
1
सूरह
24
जुज़
v.21 – v.27
आयतें

Sourate dans le Ruku 406

पृष्ठ 470
रुकू 406
سورة غافر
जुज़ 24 39.4% (69/175)
हिज़्ब 47 82.1% (69/84)

وَقَالَ فِرْعَوْنُ ذَرُونِىٓ أَقْتُلْ مُوسَىٰ وَلْيَدْعُ رَبَّهُۥٓ ۖ إِنِّىٓ أَخَافُ أَن يُبَدِّلَ دِينَكُمْ أَوْ أَن يُظْهِرَ فِى ٱلْأَرْضِ ٱلْفَسَادَ ﴿٢٦﴾

और फिरऔन कहने लगा मुझे छोड़ दो कि मैं मूसा को तो क़त्ल कर डालूँ, और ( मैं देखूँ ) अपने परवरदिगार को तो अपनी मदद के लिए बुलालें (भाईयों) मुझे अन्देशा है कि (मुबादा) तुम्हारे दीन को उलट पुलट कर डाले या मुल्क में फसाद पैदा कर दें

وَقَالَ مُوسَىٰٓ إِنِّى عُذْتُ بِرَبِّى وَرَبِّكُم مِّن كُلِّ مُتَكَبِّرٍۢ لَّا يُؤْمِنُ بِيَوْمِ ٱلْحِسَابِ ﴿٢٧﴾

और मूसा ने कहा कि मैं तो हर मुताकब्बिर से जो हिसाब के दिन (क़यामत पर ईमान नहीं लाता) अपने और तुम्हारे परवरदिगार की पनाह ले चुका हूं

بسم الله الرحمن الرحيم गुरु 30 मुहर्रम
الخميس 30 محرّم
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13 दिनों में पूर्णिमा
اللهم صل على محمد ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज