آل عمران · जुज़ 3
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क़ुरआन का रुकू 48 पढ़ें

रुकू 48 सूरह Al-Imran (आयत 64 से 71) से है। इसमें 8 आयतें हैं और यह जुज़ 3 में है।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

Ruku 48 dans le Coran

8
आयतें
1
सूरह
3
जुज़
v.64 – v.71
आयतें

Sourate dans le Ruku 48

पृष्ठ 59
रुकू 48
سورة آل عمران
जुज़ 3 82.5% (104/126)
हिज़्ब 6 71.8% (56/78)

يَـٰٓأَهْلَ ٱلْكِتَـٰبِ لِمَ تَلْبِسُونَ ٱلْحَقَّ بِٱلْبَـٰطِلِ وَتَكْتُمُونَ ٱلْحَقَّ وَأَنتُمْ تَعْلَمُونَ ﴿٧١﴾

ऐ अहले किताब तुम क्यो हक़ व बातिल को गड़बड़ करते और हक़ को छुपाते हो हालॉकि तुम जानते हो

بسم الله الرحمن الرحيم शुक्र 24 मुहर्रम
الجمعة 24 محرّم
هلال متناقص घटता हुआ अर्धचंद्र दिन 25.1 / 29.5
रोशनी 21%
4 दिनों में अमावस्या
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ