الحشر · जुज़ 28
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क़ुरआन का रुकू 480 पढ़ें

रुकू 480 सूरह Al-Hashr (आयत 11 से 17) से है। इसमें 7 आयतें हैं और यह जुज़ 28 में है।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

Ruku 480 dans le Coran

7
आयतें
1
सूरह
28
जुज़
v.11 – v.17
आयतें

Sourate dans le Ruku 480

पृष्ठ 548
रुकू 480
سورة الحشر
जुज़ 28 27.7% (38/137)
हिज़्ब 55 52.1% (38/73)

فَكَانَ عَـٰقِبَتَهُمَآ أَنَّهُمَا فِى ٱلنَّارِ خَـٰلِدَيْنِ فِيهَا ۚ وَذَٰلِكَ جَزَٰٓؤُا۟ ٱلظَّـٰلِمِينَ ﴿١٧﴾

तो दोनों का नतीजा ये हुआ कि दोनों दोज़ख़ में (डाले) जाएँगे और उसमें हमेशा रहेंगे और यही तमाम ज़ालिमों की सज़ा है

بسم الله الرحمن الرحيم शुक्र 1 सफर
الجمعة 1 صفر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 2.3 / 29.5
रोशनी 6%
12 दिनों में पूर्णिमा
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है