रुकू 529 सूरह Al-Ala (आयत 1 से 19) से है। इसमें 19 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।
10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया
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بَلْ تُؤْثِرُونَ ٱلْحَيَوٰةَ ٱلدُّنْيَا ﴿١٦﴾
मगर तुम लोग दुनियावी ज़िन्दगी को तरजीह देते हो
وَٱلْـَٔاخِرَةُ خَيْرٌۭ وَأَبْقَىٰٓ ﴿١٧﴾
हालॉकि आख़ोरत कहीं बेहतर और देर पा है
إِنَّ هَـٰذَا لَفِى ٱلصُّحُفِ ٱلْأُولَىٰ ﴿١٨﴾
बेशक यही बात अगले सहीफ़ों
صُحُفِ إِبْرَٰهِيمَ وَمُوسَىٰ ﴿١٩﴾
इबराहीम और मूसा के सहीफ़ों में भी है