रुकू 548 सूरह Quraysh (आयत 1 से 4) से है। इसमें 4 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।
10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया
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لِإِيلَـٰفِ قُرَيْشٍ ﴿١﴾
चूँकि क़ुरैश को जाड़े और गर्मी के सफ़र से मानूस कर दिया है
إِۦلَـٰفِهِمْ رِحْلَةَ ٱلشِّتَآءِ وَٱلصَّيْفِ ﴿٢﴾
तो उनको मानूस कर देने की वजह से
فَلْيَعْبُدُوا۟ رَبَّ هَـٰذَا ٱلْبَيْتِ ﴿٣﴾
इस घर (काबा) के मालिक की इबादत करनी चाहिए
ٱلَّذِىٓ أَطْعَمَهُم مِّن جُوعٍۢ وَءَامَنَهُم مِّنْ خَوْفٍۭ ﴿٤﴾
जिसने उनको भूख में खाना दिया और उनको खौफ़ से अमन अता किया