रुकू 550 सूरह Al-Kawthar (आयत 1 से 3) से है। इसमें 3 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।
10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया
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إِنَّآ أَعْطَيْنَـٰكَ ٱلْكَوْثَرَ ﴿١﴾
(ऐ रसूल) हमनें तुमको को कौसर अता किया,
فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ ﴿٢﴾
तो तुम अपने परवरदिगार की नमाज़ पढ़ा करो
إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ ﴿٣﴾
और क़ुर्बानी दिया करो बेशक तुम्हारा दुश्मन बे औलाद रहेगा