البينة · जुज़ 30
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सूरह Al-Bayyina पढ़ें

सूरह Al-Bayyina (البينة) क़ुरआन की एक मदनी सूरह है जिसमें 8 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

सूरह Al-Bayyina अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 100 / 114
(मदनी)
98
शब्द
-86.4% औसत से
434
अक्षर
-85.9% औसत से
1
पढ़ने का मिनट
8
आयतें
-85.4% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति في سورة Al-Bayyina

الله 3
رب 2

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर في سورة Al-Bayyina

ل
45
#1
ن
34
#2
م
29
#3
ي
29
#4
ا
27
#5
सूरह Al-Bayyina पढ़ें
سورة البينة
जुज़ 30 82.4% (465/564)
हिज़्ब 60 65.6% (189/288)

جَزَآؤُهُمْ عِندَ رَبِّهِمْ جَنَّـٰتُ عَدْنٍۢ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ خَـٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدًۭا ۖ رَّضِىَ ٱللَّهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا۟ عَنْهُ ۚ ذَٰلِكَ لِمَنْ خَشِىَ رَبَّهُۥ ﴿٨﴾

उनकी जज़ा उनके परवरदिगार के यहाँ हमेशा रहने (सहने) के बाग़ हैं जिनके नीचे नहरें जारी हैं और वह आबादुल आबाद हमेशा उसी में रहेंगे ख़ुदा उनसे राज़ी और वह ख़ुदा से ख़ुश ये (जज़ा) ख़ास उस शख़्श की है जो अपने परवरदिगार से डरे

بسم الله الرحمن الرحيم शुक्र 24 मुहर्रम
الجمعة 24 محرّم
هلال متناقص घटता हुआ अर्धचंद्र दिन 25.1 / 29.5
रोशनी 21%
4 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है