क़ुरआन का पृष्ठ 267 पढ़ें

मुसहफ़ का पृष्ठ 267 15 आयतों को समाहित करता है। यह जुज़ 14, हिज़्ब 27 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में पृष्ठ 267

15
आयतें
14
जुज़
27
हिज़्ब
2
सूरह

पृष्ठ 267 में सूरह

الحجر · जुज़ 14
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जुज़ 14
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سورة الحجر
जुज़ 14 39.6% (90/227)
हिज़्ब 27 60.4% (90/149)

ٱلَّذِينَ جَعَلُوا۟ ٱلْقُرْءَانَ عِضِينَ ﴿91﴾

(बाज़ को माना बाज को नहीं) तो ऐ रसूल तुम्हारे ही परवरदिगार की (अपनी) क़सम

فَوَرَبِّكَ لَنَسْـَٔلَنَّهُمْ أَجْمَعِينَ ﴿92﴾

कि हम उनसे जो कुछ ये (दुनिया में) किया करते थे (बहुत सख्ती से) ज़रुर बाज़ पुर्स (पुछताछ) करेंगे

عَمَّا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ ﴿93﴾

पस जिसका तुम्हें हुक्म दिया गया है उसे वाजेए करके सुना दो

فَٱصْدَعْ بِمَا تُؤْمَرُ وَأَعْرِضْ عَنِ ٱلْمُشْرِكِينَ ﴿94﴾

और मुशरेकीन की तरफ से मुँह फेर लो

إِنَّا كَفَيْنَـٰكَ ٱلْمُسْتَهْزِءِينَ ﴿95﴾

जो लोग तुम्हारी हँसी उड़ाते है

ٱلَّذِينَ يَجْعَلُونَ مَعَ ٱللَّهِ إِلَـٰهًا ءَاخَرَ ۚ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ ﴿96﴾

और ख़ुदा के साथ दूसरे परवरदिगार को (शरीक) ठहराते हैं हम तुम्हारी तरफ से उनके लिए काफी हैं तो अनक़रीब ही उन्हें मालूम हो जाएगा

وَلَقَدْ نَعْلَمُ أَنَّكَ يَضِيقُ صَدْرُكَ بِمَا يَقُولُونَ ﴿97﴾

कि तुम जो इन (कुफ्फारों मुनाफिक़ीन) की बातों से दिल तंग होते हो उसको हम ज़रुर जानते हैं

فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَكُن مِّنَ ٱلسَّـٰجِدِينَ ﴿98﴾

तो तुम अपने परवरदिगार की हम्दो सना से उसकी तस्बीह करो और (उसकी बारगाह में) सजदा करने वालों में हो जाओ

وَٱعْبُدْ رَبَّكَ حَتَّىٰ يَأْتِيَكَ ٱلْيَقِينُ ﴿99﴾

और जब तक तुम्हारे पास मौत आए अपने परवरदिगार की इबादत में लगे रहो

أَتَىٰٓ أَمْرُ ٱللَّهِ فَلَا تَسْتَعْجِلُوهُ ۚ سُبْحَـٰنَهُۥ وَتَعَـٰلَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ ﴿1﴾

ऐ कुफ्फ़ारे मक्का (ख़ुदा का हुक्म (क़यामत गोया) आ पहुँचा तो (ऐ काफिरों बे फायदे) तुम इसकी जल्दी न मचाओ जिस चीज़ को ये लोग शरीक क़रार देते हैं उससे वह ख़ुदा पाक व पाकीज़ा और बरतर है

يُنَزِّلُ ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ بِٱلرُّوحِ مِنْ أَمْرِهِۦ عَلَىٰ مَن يَشَآءُ مِنْ عِبَادِهِۦٓ أَنْ أَنذِرُوٓا۟ أَنَّهُۥ لَآ إِلَـٰهَ إِلَّآ أَنَا۠ فَٱتَّقُونِ ﴿2﴾

वही अपने हुक्म से अपने बन्दों में से जिसके पास चाहता है 'वहीं' देकर फ़रिश्तों को भेजता है कि लोगों को इस बात से आगाह कर दें कि मेरे सिवा कोई माबूद नहीं तो मुझी से डरते रहो

خَلَقَ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ بِٱلْحَقِّ ۚ تَعَـٰلَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ ﴿3﴾

उसी ने सारे आसमान और ज़मीन मसलहत व हिकमत से पैदा किए तो ये लोग जिसको उसका यशरीक बनाते हैं उससे कहीं बरतर है

خَلَقَ ٱلْإِنسَـٰنَ مِن نُّطْفَةٍۢ فَإِذَا هُوَ خَصِيمٌۭ مُّبِينٌۭ ﴿4﴾

उसने इन्सान को नुत्फे से पैदा किया फिर वह यकायक (हम ही से) खुल्लम खुल्ला झगड़ने वाला हो गया

وَٱلْأَنْعَـٰمَ خَلَقَهَا ۗ لَكُمْ فِيهَا دِفْءٌۭ وَمَنَـٰفِعُ وَمِنْهَا تَأْكُلُونَ ﴿5﴾

उसी ने चरपायों को भी पैदा किया कि तुम्हारे लिए ऊन (ऊन की खाल और ऊन) से जाडे क़ा सामान है

وَلَكُمْ فِيهَا جَمَالٌ حِينَ تُرِيحُونَ وَحِينَ تَسْرَحُونَ ﴿6﴾

इसके अलावा और भी फायदें हैं और उनमें से बाज़ को तुम खाते हो और जब तुम उन्हें सिरे शाम चराई पर से लाते हो जब सवेरे ही सवेरे चराई पर ले जाते हो

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 9 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 9 جمادى الأولى
أحدب متزايد बढ़ता हुआ कूबड़ दिन 10.6 / 29.5
रोशनी 81%
4 दिनों में पूर्णिमा
الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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