क़ुरआन का पृष्ठ 342 पढ़ें

मुसहफ़ का पृष्ठ 342 17 आयतों को समाहित करता है। यह जुज़ 18, हिज़्ब 35 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में पृष्ठ 342

17
आयतें
18
जुज़
35
हिज़्ब
1
सूरह

पृष्ठ 342 में सूरह

المؤمنون · जुज़ 18
जुज़ 18
पृष्ठ 342
سورة المؤمنون
जुज़ 18 0.0% (0/202)
हिज़्ब 35 0.0% (0/138)

قَدْ أَفْلَحَ ٱلْمُؤْمِنُونَ ﴿١﴾

अलबत्ता वह ईमान लाने वाले रस्तगार हुए

ٱلَّذِينَ هُمْ فِى صَلَاتِهِمْ خَـٰشِعُونَ ﴿٢﴾

जो अपनी नमाज़ों में (खुदा के सामने) गिड़गिड़ाते हैं

وَٱلَّذِينَ هُمْ عَنِ ٱللَّغْوِ مُعْرِضُونَ ﴿٣﴾

और जो बेहूदा बातों से मुँह फेरे रहते हैं

وَٱلَّذِينَ هُمْ لِلزَّكَوٰةِ فَـٰعِلُونَ ﴿٤﴾

और जो ज़कात (अदा) किया करते हैं

وَٱلَّذِينَ هُمْ لِفُرُوجِهِمْ حَـٰفِظُونَ ﴿٥﴾

और जो (अपनी) शर्मगाहों को (हराम से) बचाते हैं

إِلَّا عَلَىٰٓ أَزْوَٰجِهِمْ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَـٰنُهُمْ فَإِنَّهُمْ غَيْرُ مَلُومِينَ ﴿٦﴾

मगर अपनी बीबियों से या अपनी ज़र ख़रीद लौनडियों से कि उन पर हरगिज़ इल्ज़ाम नहीं हो सकता

فَمَنِ ٱبْتَغَىٰ وَرَآءَ ذَٰلِكَ فَأُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْعَادُونَ ﴿٧﴾

पस जो शख्स उसके सिवा किसी और तरीके से शहवत परस्ती की तमन्ना करे तो ऐसे ही लोग हद से बढ़ जाने वाले हैं

وَٱلَّذِينَ هُمْ لِأَمَـٰنَـٰتِهِمْ وَعَهْدِهِمْ رَٰعُونَ ﴿٨﴾

और जो अपनी अमानतों और अपने एहद का लिहाज़ रखते हैं

وَٱلَّذِينَ هُمْ عَلَىٰ صَلَوَٰتِهِمْ يُحَافِظُونَ ﴿٩﴾

और जो अपनी नमाज़ों की पाबन्दी करते हैं

أُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْوَٰرِثُونَ ﴿١٠﴾

(आदमी की औलाद में) यही लोग सच्चे वारिस है

ٱلَّذِينَ يَرِثُونَ ٱلْفِرْدَوْسَ هُمْ فِيهَا خَـٰلِدُونَ ﴿١١﴾

जो बेहश्त बरी का हिस्सा लेंगे (और) यही लोग इसमें हमेशा (जिन्दा) रहेंगे

وَلَقَدْ خَلَقْنَا ٱلْإِنسَـٰنَ مِن سُلَـٰلَةٍۢ مِّن طِينٍۢ ﴿١٢﴾

और हमने आदमी को गीली मिट्टी के जौहर से पैदा किया

ثُمَّ جَعَلْنَـٰهُ نُطْفَةًۭ فِى قَرَارٍۢ مَّكِينٍۢ ﴿١٣﴾

फिर हमने उसको एक महफूज़ जगह (औरत के रहम में) नुत्फ़ा बना कर रखा

ثُمَّ خَلَقْنَا ٱلنُّطْفَةَ عَلَقَةًۭ فَخَلَقْنَا ٱلْعَلَقَةَ مُضْغَةًۭ فَخَلَقْنَا ٱلْمُضْغَةَ عِظَـٰمًۭا فَكَسَوْنَا ٱلْعِظَـٰمَ لَحْمًۭا ثُمَّ أَنشَأْنَـٰهُ خَلْقًا ءَاخَرَ ۚ فَتَبَارَكَ ٱللَّهُ أَحْسَنُ ٱلْخَـٰلِقِينَ ﴿١٤﴾

फिर हम ही ने नुतफ़े को जमा हुआ ख़ून बनाया फिर हम ही ने मुनजमिद खून को गोश्त का लोथड़ा बनाया हम ही ने लोथडे क़ी हड्डियाँ बनायीं फिर हम ही ने हड्डियों पर गोश्त चढ़ाया फिर हम ही ने उसको (रुह डालकर) एक दूसरी सूरत में पैदा किया तो (सुबहान अल्लाह) ख़ुदा बा बरकत है जो सब बनाने वालो से बेहतर है

ثُمَّ إِنَّكُم بَعْدَ ذَٰلِكَ لَمَيِّتُونَ ﴿١٥﴾

फिर इसके बाद यक़ीनन तुम सब लोगों को (एक न एक दिन) मरना है

ثُمَّ إِنَّكُمْ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ تُبْعَثُونَ ﴿١٦﴾

इसके बाद कयामत के दिन तुम सब के सब कब्रों से उठाए जाओगे

وَلَقَدْ خَلَقْنَا فَوْقَكُمْ سَبْعَ طَرَآئِقَ وَمَا كُنَّا عَنِ ٱلْخَلْقِ غَـٰفِلِينَ ﴿١٧﴾

और हम ही ने तुम्हारे ऊपर तह ब तह आसमान बनाए और हम मख़लूक़ात से बेखबर नही है

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 18 रबी अल-अव्वल
الثلاثاء 18 ربيع الأول
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 19 / 29.5
रोशनी 81%
11 दिनों में अमावस्या
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं