क़ुरआन का पृष्ठ 521 पढ़ें

मुसहफ़ का पृष्ठ 521 24 आयतों को समाहित करता है। यह जुज़ 26, हिज़्ब 52 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में पृष्ठ 521

24
आयतें
26
जुज़
52
हिज़्ब
1
सूरह

पृष्ठ 521 में सूरह

الذاريات · जुज़ 26
जुज़ 26
पृष्ठ 521
سورة الذاريات
जुज़ 26 87.7% (171/195)
हिज़्ब 52 77.1% (81/105)

وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلْحُبُكِ ﴿٧﴾

और आसमान की क़सम जिसमें रहते हैं

إِنَّكُمْ لَفِى قَوْلٍۢ مُّخْتَلِفٍۢ ﴿٨﴾

कि (ऐ अहले मक्का) तुम लोग एक ऐसी मुख्तलिफ़ बेजोड़ बात में पड़े हो

يُؤْفَكُ عَنْهُ مَنْ أُفِكَ ﴿٩﴾

कि उससे वही फेरा जाएगा (गुमराह होगा)

قُتِلَ ٱلْخَرَّٰصُونَ ﴿١٠﴾

जो (ख़ुदा के इल्म में) फेरा जा चुका है अटकल दौड़ाने वाले हलाक हों

ٱلَّذِينَ هُمْ فِى غَمْرَةٍۢ سَاهُونَ ﴿١١﴾

जो ग़फलत में भूले हुए (पड़े) हैं पूछते हैं कि जज़ा का दिन कब होगा

يَسْـَٔلُونَ أَيَّانَ يَوْمُ ٱلدِّينِ ﴿١٢﴾

उस दिन (होगा)

يَوْمَ هُمْ عَلَى ٱلنَّارِ يُفْتَنُونَ ﴿١٣﴾

जब इनको (जहन्नुम की) आग में अज़ाब दिया जाएगा

ذُوقُوا۟ فِتْنَتَكُمْ هَـٰذَا ٱلَّذِى كُنتُم بِهِۦ تَسْتَعْجِلُونَ ﴿١٤﴾

(और उनसे कहा जाएगा) अपने अज़ाब का मज़ा चखो ये वही है जिसकी तुम जल्दी मचाया करते थे

إِنَّ ٱلْمُتَّقِينَ فِى جَنَّـٰتٍۢ وَعُيُونٍ ﴿١٥﴾

बेशक परहेज़गार लोग (बेहिश्त के) बाग़ों और चश्मों में (ऐश करते) होगें

ءَاخِذِينَ مَآ ءَاتَىٰهُمْ رَبُّهُمْ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا۟ قَبْلَ ذَٰلِكَ مُحْسِنِينَ ﴿١٦﴾

जो उनका परवरदिगार उन्हें अता करता है ये (ख़ुश ख़ुश) ले रहे हैं ये लोग इससे पहले (दुनिया में) नेको कार थे

كَانُوا۟ قَلِيلًۭا مِّنَ ٱلَّيْلِ مَا يَهْجَعُونَ ﴿١٧﴾

(इबादत की वजह से) रात को बहुत ही कम सोते थे

وَبِٱلْأَسْحَارِ هُمْ يَسْتَغْفِرُونَ ﴿١٨﴾

और पिछले पहर को अपनी मग़फ़िरत की दुआएं करते थे

وَفِىٓ أَمْوَٰلِهِمْ حَقٌّۭ لِّلسَّآئِلِ وَٱلْمَحْرُومِ ﴿١٩﴾

और उनके माल में माँगने वाले और न माँगने वाले (दोनों) का हिस्सा था

وَفِى ٱلْأَرْضِ ءَايَـٰتٌۭ لِّلْمُوقِنِينَ ﴿٢٠﴾

और यक़ीन करने वालों के लिए ज़मीन में (क़ुदरते ख़ुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं

وَفِىٓ أَنفُسِكُمْ ۚ أَفَلَا تُبْصِرُونَ ﴿٢١﴾

और ख़ुदा तुम में भी हैं तो क्या तुम देखते नहीं

وَفِى ٱلسَّمَآءِ رِزْقُكُمْ وَمَا تُوعَدُونَ ﴿٢٢﴾

और तुम्हारी रोज़ी और जिस चीज़ का तुमसे वायदा किया जाता है आसमान में है

فَوَرَبِّ ٱلسَّمَآءِ وَٱلْأَرْضِ إِنَّهُۥ لَحَقٌّۭ مِّثْلَ مَآ أَنَّكُمْ تَنطِقُونَ ﴿٢٣﴾

तो आसमान व ज़मीन के मालिक की क़सम ये (क़ुरान) बिल्कुल ठीक है जिस तरह तुम बातें करते हो

هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ضَيْفِ إِبْرَٰهِيمَ ٱلْمُكْرَمِينَ ﴿٢٤﴾

क्या तुम्हारे पास इबराहीम के मुअज़िज़ मेहमानो (फ़रिश्तों) की भी ख़बर पहुँची है कि जब वह लोग उनके पास आए

إِذْ دَخَلُوا۟ عَلَيْهِ فَقَالُوا۟ سَلَـٰمًۭا ۖ قَالَ سَلَـٰمٌۭ قَوْمٌۭ مُّنكَرُونَ ﴿٢٥﴾

तो कहने लगे (सलामुन अलैकुम) तो इबराहीम ने भी (अलैकुम) सलाम किया (देखा तो) ऐसे लोग जिनसे न जान न पहचान

فَرَاغَ إِلَىٰٓ أَهْلِهِۦ فَجَآءَ بِعِجْلٍۢ سَمِينٍۢ ﴿٢٦﴾

फिर अपने घर जाकर जल्दी से (भुना हुआ) एक मोटा ताज़ा बछड़ा ले आए

فَقَرَّبَهُۥٓ إِلَيْهِمْ قَالَ أَلَا تَأْكُلُونَ ﴿٢٧﴾

और उसे उनके आगे रख दिया (फिर) कहने लगे आप लोग तनाउल क्यों नहीं करते

فَأَوْجَسَ مِنْهُمْ خِيفَةًۭ ۖ قَالُوا۟ لَا تَخَفْ ۖ وَبَشَّرُوهُ بِغُلَـٰمٍ عَلِيمٍۢ ﴿٢٨﴾

(इस पर भी न खाया) तो इबराहीम उनसे जो ही जी में डरे वह लोग बोले आप अन्देशा न करें और उनको एक दानिशमन्द लड़के की ख़ुशख़बरी दी

فَأَقْبَلَتِ ٱمْرَأَتُهُۥ فِى صَرَّةٍۢ فَصَكَّتْ وَجْهَهَا وَقَالَتْ عَجُوزٌ عَقِيمٌۭ ﴿٢٩﴾

तो (ये सुनते ही) इबराहीम की बीवी (सारा) चिल्लाती हुई उनके सामने आयीं और अपना मुँह पीट लिया कहने लगीं (ऐ है) एक तो (मैं) बुढ़िया (उस पर) बांझ

قَالُوا۟ كَذَٰلِكِ قَالَ رَبُّكِ ۖ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلْحَكِيمُ ٱلْعَلِيمُ ﴿٣٠﴾

लड़का क्यों कर होगा फ़रिश्ते बोले तुम्हारे परवरदिगार ने यूँ ही फरमाया है वह बेशक हिकमत वाला वाक़िफ़कार है

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الثلاثاء 18 ربيع الأول
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