सूरह Al-Ala पढ़ें

सूरह Al-Ala (الأعلى) क़ुरआन की एक मक्की सूरह सूरह है जिसमें 19 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

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सूरह Al-Ala अंकों में

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(मक्की सूरह)
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19
आयतें
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मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 1
رب 2

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

ل
34
#1
ى
24
#2
ٱ
19
#3
ر
19
#4
و
17
#5
الأعلى · जुज़ 30
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سورة الأعلى
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سَبِّحِ ٱسْمَ رَبِّكَ ٱلْأَعْلَى ﴿1﴾

ऐ रसूल अपने आलीशान परवरदिगार के नाम की तस्बीह करो

ٱلَّذِى خَلَقَ فَسَوَّىٰ ﴿2﴾

जिसने (हर चीज़ को) पैदा किया

وَٱلَّذِى قَدَّرَ فَهَدَىٰ ﴿3﴾

और दुरूस्त किया और जिसने (उसका) अन्दाज़ा मुक़र्रर किया फिर राह बतायी

وَٱلَّذِىٓ أَخْرَجَ ٱلْمَرْعَىٰ ﴿4﴾

और जिसने (हैवानात के लिए) चारा उगाया

فَجَعَلَهُۥ غُثَآءً أَحْوَىٰ ﴿5﴾

फिर ख़ुश्क उसे सियाह रंग का कूड़ा कर दिया

سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنسَىٰٓ ﴿6﴾

हम तुम्हें (ऐसा) पढ़ा देंगे कि कभी भूलो ही नहीं

إِلَّا مَا شَآءَ ٱللَّهُ ۚ إِنَّهُۥ يَعْلَمُ ٱلْجَهْرَ وَمَا يَخْفَىٰ ﴿7﴾

मगर जो ख़ुदा चाहे (मन्सूख़ कर दे) बेशक वह खुली बात को भी जानता है और छुपे हुए को भी

وَنُيَسِّرُكَ لِلْيُسْرَىٰ ﴿8﴾

और हम तुमको आसान तरीके की तौफ़ीक़ देंगे

فَذَكِّرْ إِن نَّفَعَتِ ٱلذِّكْرَىٰ ﴿9﴾

तो जहाँ तक समझाना मुफ़ीद हो समझते रहो

سَيَذَّكَّرُ مَن يَخْشَىٰ ﴿10﴾

जो खौफ रखता हो वह तो फौरी समझ जाएगा

وَيَتَجَنَّبُهَا ٱلْأَشْقَى ﴿11﴾

और बदबख्त उससे पहलू तही करेगा

ٱلَّذِى يَصْلَى ٱلنَّارَ ٱلْكُبْرَىٰ ﴿12﴾

जो (क़यामत में) बड़ी (तेज़) आग में दाख़िल होगा

ثُمَّ لَا يَمُوتُ فِيهَا وَلَا يَحْيَىٰ ﴿13﴾

फिर न वहाँ मरेगा ही न जीयेगा

قَدْ أَفْلَحَ مَن تَزَكَّىٰ ﴿14﴾

वह यक़ीनन मुराद दिली को पहुँचा जो (शिर्क से) पाक हो

وَذَكَرَ ٱسْمَ رَبِّهِۦ فَصَلَّىٰ ﴿15﴾

और अपने परवरदिगार का ज़िक्र करता और नमाज़ पढ़ता रहा

بَلْ تُؤْثِرُونَ ٱلْحَيَوٰةَ ٱلدُّنْيَا ﴿16﴾

मगर तुम लोग दुनियावी ज़िन्दगी को तरजीह देते हो

وَٱلْـَٔاخِرَةُ خَيْرٌۭ وَأَبْقَىٰٓ ﴿17﴾

हालॉकि आख़ोरत कहीं बेहतर और देर पा है

إِنَّ هَـٰذَا لَفِى ٱلصُّحُفِ ٱلْأُولَىٰ ﴿18﴾

बेशक यही बात अगले सहीफ़ों

صُحُفِ إِبْرَٰهِيمَ وَمُوسَىٰ ﴿19﴾

इबराहीम और मूसा के सहीफ़ों में भी है

بسم الله الرحمن الرحيم शनि 5 जुमादा अल-अव्वल
السبت 5 جمادى الأولى
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 6.4 / 29.5
रोशनी 40%
8 दिनों में पूर्णिमा
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद