इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > वह व्यक्ति हममें से नहीं, जिसने अपशगुन लिया अथवा जिसके लिए अपशगुन लिया गया, जिसने ओझा वाला…
ह़सन27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 2 मिनट पढ़ने का समयعن عمران بن حصين رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «لَيْسَ مِنَّا مَنْ تَطَيَّرَ أَوْ تُطُيِّرَ لَهُ، أَوْ تَكَهَّنَ أَوْ تُكُهِّنَ لَهُ، أَوْ سَحَرَ أَوْ سُحِرَ لَهُ، وَمَنْ عَقَدَ عُقْدَةً، وَمَنْ أَتَى كَاهِنًا فَصَدَّقَهُ بِمَا يَقُولُ فَقَدْ كَفَرَ بِمَا أُنْزِلَ عَلَى مُحَمَّدٍ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने कुछ काम करने वाले अपनी उम्मत के कुछ लोगों को यह कहकर चेतावनी दी है कि वे हममें से नहीं हैं। ये काम कुछ इस प्रकार हैं:
1- ऐसा व्यक्ति जिसने अपशगुन लिया या जिसके लिए अपशगुन लिया गया। अरब के लोग कोई काम शुरू करते समय पक्षी को छोड़ते थे। पक्षी अगर दाएँ उड़ता, तो अच्छा शगुन लेते और जिस काम का इरादा होता, उसे करते। लेकिन अगर बाएँ उड़ता, तो बुरा शगुन लेते और जो काम करना चाहते, उसे छोड़ देते। यह काम न तो खुद करना जायज़ है और न किसी से करवाना जायज़ है। इसके अंदर किसी भी चीज़ से लिया जाने वाला हर अपशगुन दाख़िल है। चाहे उस चीज़ का संबंध सुनने से हो या देखने से हो, अथवा वह चीज़ चिड़िया हो, जानवर हो, विकलांग लोग हों, संख्या हों या दिन आदि हों, सभी अपशगुन अमान्य है।
2- ऐसा व्यक्ति जिसने खुद ओझा वाला कार्य किया या किसी से ओझा वाला कार्य करवाया। जिसने नक्षत्रों आदि का सहारा लेकर ग़ैब की बात जानने का दावा किया या फिर किसी ऐसे व्यक्ति के पास गया, जो ग़ैब की बात जानने का दावा करता हो और उसकी बात को सच भी माना, उसने मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतारी गई शिक्षाओं के प्रति अविश्वास व्यक्त किया।
3- ऐसा व्यक्ति जिसने किसी को लाभ पहुँचाने या किसी की हानि करने के उद्देश्य से जादू किया या जादू करवाया या नाजायज़ मंत्र आदि का उच्चारण करके धागा आदि पर गिरह लगाई तथा फूँक मारी।
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