हसन और हुसैन जन्नत के जवानों के सरदार हैं।
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी और अह़मद ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: हसन और हुसैन जन्नत के जवानों के सरदार हैं।
हदीस की व्याख्या: हसन और हुसैन जन्नत के जवानों के सरदार हैं।
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया है कि आपके दोनों नवासे हसन और हुसैन रज़ियल्लाहु अनहुमा, जो अली बिन अबू तालिब रज़ियल्लाहु अनहु तथा नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की बेटी फ़ातिमा रज़ियल्लाहु अनहा के बेटे हैं, मर्तबा और श्रेष्ठता के ऐतबार से, जवानी की अवस्था में मृत्यु को प्राप्त होने वाले और जन्नत में प्रवेश करने वाले तमाम लोगों के सरदार होंगे। इसका एक मतलब यह भी हो सकता है कि दोनों नबियों और ख़ुलफ़ा-ए-राशिदीन को छोड़कर तमाम जन्नती जवानों के सरदार होंगे।
सीख: हसन और हुसैन जन्नत के जवानों के सरदार हैं।
- हसन तथा हुसैन रज़ियल्लाहु अनहुमा की एक स्पष्ट फ़ज़ीलत।
- इस हदीस के कई अर्थ बताए गए हैं। एक यह कि दोनों अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के मुँह से उस कथन के निकलते समय उस ज़माने में मौजूद जन्नत जाने वाले तमाम जवानों के सरदार होंगे। दूसरा यह कि दोनों नबियों एवं ख़लीफ़ों को छोड़ उन तमाम लोगों से उत्तम हैं, जिनकी कोई आम फ़ज़ीलत साबित न हो। तीसरा यह कि दोनों ऐसे लोगों को सरदार होंगे, जिनके अंदर दिलेरी, उदारता एवं बहादुरी आदि जवानों के गुण हों। यानी मुराद जवानी नहीं है। क्योंकि हसन एवं हुसैन रज़ियल्लाहु अनहुमा की मृत्यु अधेड़ उम्र में हुई थी।
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आल-ए-बैत (अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के परिजनों) की फ़ज़ीलत
· अक़ीदा
· अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के परिजन
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
سبحان الله
अल्लाह की पवित्रता है