इस्लाम > Hi > हदीस > इबदत पर आधरत फकह > समुद्र का पानी स्वयं पाक है एवं दूसरों को पाक करने वाला है और उसका मरा हुआ जानवर हलाल है।
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयएक व्यक्ति ने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आकर कहा : हम शिकार, व्यवसाय एवं इस प्रकार के दूसरे उद्देश्यों के तहत कश्तियों पर सवार होकर समुद्र का सफ़र करते हैं। हमारे पास पीने का पानी बस थोड़ा-सा होता है। अगर हम उसका प्रयोग वज़ू एवं स्नान में करेंगे, तो वह ख़त्म हो जाएगा और पीने का पानी नहीं बचेगा। ऐसे में क्या हमारे लिए समुद्र के पानी से वज़ू करन जायज़ होगा।?
तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने समुद्र के पानी के बारे में फ़रमाया : उसका पानी खुद भी पाक है और उसके अंदर दूसरे को पाक करने की क्षमता भी मौजूद है। उससे वज़ू एवं स्नान जायज़ हैं। उससे निकलने वाली मछलियों आदि का खाना भी जायज़ है, यद्यपि वह मरी हुई अवस्था में पानी के ऊपर तैरती हुई ही क्यों न पाई जाएँ, किसी ने उनका शिकार न भी किया हो, तब भी कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।
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