तुम जायदाद मत बनाओ, अन्यथा दुनिया की चाहत में पड़ जाओगे।
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी और अह़मद ने रिवायत किया है
ह़सन लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों के साथ मिलकर ह़सन)
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: तुम जायदाद मत बनाओ, अन्यथा दुनिया की चाहत में पड़ जाओगे…
हदीस की व्याख्या: तुम जायदाद मत बनाओ, अन्यथा दुनिया की चाहत में पड़ जाओगे…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने जायदाद, बाग़ और खेत रखने से मना किया है, क्योंकि यह चीज़ें इन्सान को आख़िरत से हटाकर दुनिया में लीन करने का कारण बनती हैं।
सीख: तुम जायदाद मत बनाओ, अन्यथा दुनिया की चाहत में पड़ जाओगे…
- दुनिया इतना एकत्र करने की मनाही कि आख़िरत से विमुखता का कारण बन जाए।
- इस हदीस में जीविका कमाने के साधन अपनाने से नहीं, बल्कि इस दुनिया में लीन होकर आख़िरत को भूल जाने से मना किया गया है।
- सिंधी कहते हैं : इस हदीस का मतलब है : तुम जायदाद बनाने में इतना मग्न मत हो जाओ कि आख़िरत को याद करना ही भूल जाओ।
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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