दास मुक्त करना पर हदीसें

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«दास मुक्त करना» पर 15 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

दास मुक्त करना पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ यह जो नमाज़ है, इसमें लोगों की आम बात-चीत सही नहीं है। इसमें तो बस तसबीह, तकबीर और क़ुरआन की तिलावत होती है। सह़ीह़ एक अंसारी ने अपने दास से कह दिया कि तुम मेरे मरने के बाद आज़ाद हो। सह़ीह़ जिसने किसी गुलाम में अपना भाग मुक्त किया तथा उसके पास इतना धन हो, जो उसकी पूरी क़ीमत को पहुँचता हो, तो गुलाम की न्यायसंगत क़ीमत लगाई जाए और अन्य साझेद सह़ीह़ जिसने किसी दास में अपना भाग मुक्त कर दिया, उसे अपने धन से पूरा दास मुक्त करना होगा। परन्तु, यदि उसके पास पर्याप्त धन न हो, तो उस दास की न्यायसंगत क़ीम सह़ीह़ अगर तुमने उसे अपने मामा लोगों को दे दिया होता, तो अधिक सवाब मिलता सह़ीह़ तीन आदमी ऐसे हैं, जिनको दोगुना सवाब मिलेगा। एक वह अह्ले किताब जो अपने नबी पर ईमान लाया और फिर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर ईमान लाया, दूसरा व सह़ीह़ 'वला' (अर्थात वारिस बनने का अधिकार) उसके लिए है, जिसने मुक्त करने का उपकार किया हो। सह़ीह़ आज़ाद किए हुए ग़ुलाम की मृत्यु के पश्चात, उसका उत्तराधिकारी न होने की स्थिति में, उसके उत्तराधिकारी होने का अधिकार उसे प्राप्त होगा, जिसने उसे आज़ाद क सह़ीह़ कर्तव्यनिष्ठ दास के लिए दोगुना प्रतिफल है। सह़ीह़ जो किसी मुस्लिम दास को मुक्त करता है, अल्लाह उसके एक-एक अंग के बदले में इसके एक-एक अंग को जहन्नम से मुक्त कर देता है, यहाँ कि उसकी शर्मगाह के बदले इसक सह़ीह़ जो शख़्स किसी मुसलमान ग़ुलाम को आज़ाद करेगा, तो अल्लाह आज़ाद किए गए ग़ुलाम के शरीर के हर अंग के बदले उसके शरीर का एक अंग दोज़ख़ से आज़ाद करेगा। सह़ीह़ जो किसी महरम रिश्तेदार (दास) का मालिक हो, तो वह (दास उसके आज़ाद किए बिना) आज़ाद है। ह़सन सफ़ीना -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है, वह कहते हैं कि मैं उम्मे सलमा -रज़ियल्लाहु अन्हा- का ग़ुलाम था, तो उन्होंने कहा : मैं तुझको आज़ाद करती हूँ इस ह़सन मुकातब (वह ग़ुलाम जो अपने मालिक से यह अनुबंध कर ले कि कुछ पैसा लेकर वह उसको आज़ाद कर देगा) उस समय तक ग़ुलाम है जब तक उसके ऊपर उस अनुबंध का एक दिरहम भी सह़ीह़ मैं बनी मुक़र्रिन का सातवाँ व्यक्ति था। हमारी एक दासी थी, जिसे सबसे छोटे भाई ने एक थप्पड़ मार दिया था, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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