उच्च एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने नमाज़ को अपने तथा अपने बंदे के बीच आधा-आधा बाँट दिय…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: उच्च एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने नमाज़ को अपने तथ…

हदीस की व्याख्या: उच्च एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने नमाज़ को अपने तथ…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि उच्च एवं महान अल्लाह ने हदीस-ए-क़ुदसी में कहा है : मैंने नमाज़ में सूरा फ़ातिहा को अपने तथा अपने बंदे के बीच आधा-आधा बाँट दिया है। आधा मेरे लिए है और आधा उसके लिए है।

उसका प्रथम आधा भाग अल्लाह की तारीफ़, प्रशंसा और बड़ाई का बयान है। उसे पढ़ने पर मैं बंदे को उत्तम प्रतिफल देता हूँ।

जबकि उसका दूसरा आधा भाग अनुनय-विनय एवं दुआ है। मैं इसे बंदे के लिए ग्रहण करता हूँ और उसे वह सब कुछ देता हूँ, जो वह माँगे।

जब नमाज़ पढ़ रहा व्यक्ति {الْحَمْدُ لِلهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ} (हर प्रकार की प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है, जो सारे संसारों का रब है।) कहता है, तो उच्च एवं महान अल्लाह कहता है कि मेरे बंदे ने मेरी प्रशंसा की। जब वह {الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ} (जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।) कहता है, तो अल्लाह कहता है कि मेरे बंदे ने मेरी तारीफ़ की और इस बात का एतराफ़ किया कि मैंने अपनी सृष्टि पर हर प्रकार का उपकार किया है। जब बंदा {مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ} (जो बदले के दिन का मालिक है।) कहता है, तो अल्लाह कहता है कि मेरे बंदे ने मेरे प्रभुत्व का गुण-गान किया। और यह बहुत बड़ा सम्मान है।

जब बंदा {إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ} ((ऐ अल्लाह!) हम तेरी ही इबादत करते हैं और तुझी से सहायता माँगते हैं। ) कहता है, तो अल्लाह कहता है कि यह मेरे तथा मेरे बंदे के बीच है।

इस आयत का पहला आधा भाग यानी {إِيَّاكَ نَعْبُدُ} अल्लाह के लिए है। यह दरअसल अल्लाह के एकमात्र पूज्य होने का एतराफ़ है और इसी पर प्रथम आधा भाग समाप्त हो जाता है।

आयत का दूसरा भाग, {إياك نستعين} बंदे के लिए है, जिसमें अल्लाह से सहायता मांगी गई है। और अल्लाह ने सहायता करने का वादा किया है।

फिर जब बंदा {اهدنا الصراط المستقيم * صراط الذين أنعمت عليهم غير المغضوب عليهم ولا الضالين} कहता है, तो अल्लाह कहता है : यह मेरे बंदे की ओर से अनुनय-विनय तथा दुआ है और मेरे बंदे के लिए वही है, जो उसने माँगा और मैंने उसकी दुआ सुन ली।

सीख: उच्च एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने नमाज़ को अपने तथ…

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سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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