इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जो व्यक्ति अल्लाह के रास्ते में ज़ख़्मी हो जाए, वह क़यामत के दिन इस हाल में आएगा कि उसके ज…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم : «ما من مَكْلُومٍ يُكْلَمُ في سبيل الله، إلا جاء يومَ القيامة، وكَلْمُهُ يَدْمَى: اللَّونُ لَوْنُ الدَّمِ، والرِّيحُ رِيحُ المِسْكِ».
इस हदीस में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अल्लाह के रास्ते में जिहाद की फ़ज़ीलत तथा उसमें शरीक होने वाले व्यक्ति को मिलने वाले शानदार प्रतिफल का उल्लेख करते हुए कहा है कि जो व्यक्ति अल्लाह के रास्ते में ज़ख़्मी होता है और फिर मर जाता है या ठीक हो जाता है, वह क़यामत के दिन सारी सृष्टियों के सामने जिहाद में शामिल होने और इसके कारण कष्ट उठाने की निशानी के साथ उपस्थित होगा। क्योंकि उसका ज़ख़्म ताजा होगा और उससे ऐसी चीज़ बह रही होगी, जिसका रंग रक्त जैसा होगा, लेकिन उससे कस्तूरी जैसी ख़ुशबू फूट रही होगी।
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