इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने घरेलू गधों का मांस खाने से मना फ़रमाया है और घ…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن جابر بن عبد الله رضي الله عنهما : (أن النبي صلى الله عليه وسلم نهى عن لحوم الحُمُرِ الأَهْلِيَّةِ، وأَذِنَ في لحوم الخيل).
ولمسلم وحده قال: (أكلنا زمن خيبر الخيل وحُمُرَ الوَحْشِ، ونهى النبي صلى الله عليه وسلم عن الحمار الأَهْلِيِّ).
عن عبد الله بن أبي أوفى رضي الله عنه قال: (أصابتنا مجاعة ليالي خيبر، فلما كان يوم خيبر: وقعنا في الحُمُرِ الأَهْلِيَّةِ فانْتَحَرْنَاهَا، فلما غَلَتِ بها القُدُورُ: نادى مُنَادِي رسول الله صلى الله عليه وسلم أن أَكْفِئُوا القُدُورَ، وربما قال: ولا تأكلوا من لحوم الحُمُرِ شيئا).
عن أبي ثعلبة رضي الله عنه قال: (حَرَّمَ رسول الله صلى الله عليه وسلم لحوم الحُمُر الأَهْلِيَّةِ).
जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अंहुमा) बता रहे हैं कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने घरेलू गधों का मांस खाने से मना किया है तथा घोड़े और जंगली गधों का मांस खाने की अनुमति दी है। इसी तरह अब्दुल्लाह बिन अबू औफ़ा (रज़ियल्लाहु अंहुमा) बता रहे हैं कि ख़ैबर युद्ध के दिनों में उन्हें बड़ी भूख का सामना करना पड़ा। जब ख़ैबर जीत लिया गया, तो उन्होंने वहाँ से प्राप्त गधों को ज़बह किया और पकाना शुरू कर दिया। लेकिन जब मांस पक गया, तो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने आदेश दिया कि उसे न खाया जाए और हांडियों को उलट दिया जाए।
श्रेणियाँ : खाने-पीने की वस्तुएँ · हलाल तथा हराम जानवर एवं पक्षी · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह