मुझे अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने आदेश दिया कि मैं आपकी कुरबानी के जानवरों…

इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > मुझे अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने आदेश दिया कि मैं आपकी कुरबानी के जानवरों…

हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: मुझे अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने आदेश…

عن علي بن أبي طالب رضي الله عنه قال: «أَمَرَنِي رَسُول اللَّهِ -صلَّى الله عليه وسلَّم- أَن أَقُومَ عَلَى بُدْنِهِ، وَأَن أَتَصَدَّقَ بِلَحمِهَا وَجُلُودِهَا وَأَجِلَّتِهَا، وَأَن لا أُعْطِيَ الجَزَّارَ مِنهَا شَيْئًا».

हदीस की व्याख्या: मुझे अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने आदेश…

नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) 'हज्जतुल वदा' के अवसर पर मक्का आए। साथ में कुरबानी के जानवर थे। अली बिन अबू तालिब (रज़ियल्लाहु अन्हु) यमन से आए। उनके साथ भी कुरबानी के जानवर थे। चूँकि कुरबानी फ़कीरों और मिस्कीनों के लिए सदका है, अतः कुरबानी करने वाले का यह हक़ नहीं बनता कि उसका कुछ भाग मुआवज़ा के तौर पर किसी को दे। यही कारण है कि आपने कसाई को उसके कार्य के बदले में उसमें से कुछ देने से मना किया है। हाँ, उसे मांस, खाल और झूल आदि के सिवाय और कोई चीज़ देना चाहे, तो दे सकता है।

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · खाने-पीने की वस्तुएँ · हज तथा उमरा · ज़बह करना · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · हज की क़ुरबानी की तथा कफ़्फ़ारे

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद