ऐ अल्लाह के रसूल! मेरे दो पड़ोसी हैं। मैं दोनों में से किसे कोई वस्तु भेंट के रूप में दूँ?…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: ऐ अल्लाह के रसूल! मेरे दो पड़ोसी हैं। मैं दोनों में से…

عن عائشة رضي الله عنها قالت: يا رسولَ اللهِ، إِنَّ لِي جَارَيْنِ، فإلى أَيِّهِمَا أُهْدِي؟ قال: «إلى أَقْرَبِهِمَا مِنْكِ بَابًا».

हदीस की व्याख्या: ऐ अल्लाह के रसूल! मेरे दो पड़ोसी हैं। मैं दोनों में से…

आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- ने अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से पूछा कि मेरे दो पड़ोसी हैं और मुझे पड़ोसी के सम्मान का आम आदेश दिया गया है। लेकिन मैं दोनों को एक साथ उपहार नहीं दे सकती। अतः मैं किसे उपहार दूँ कि पड़ोसी का सम्मान करने वाले लोगों में शामिल हो जाऊँ? अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "जिसका द्वार तुम्हारे द्वार से अधिक निकट हो।"

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سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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