जिसने नमाज़ पढ़ने से पहले क़ुरबानी कर ली, वह उसके स्थान पर दूसरी क़ुरबानी करे और जिसने क़ु…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जिसने नमाज़ पढ़ने से पहले क़ुरबानी कर ली, वह उसके स्थान…

عن جُنْدُب بن عَبْدِ الله البجَليِّ رضي الله عنه قال: «صلى النبي صلى الله عليه وسلم يوم النَّحر، ثم خطب، ثم ذبح، وقال: من ذبح قبل أن يُصَلِّيَ فَلْيَذْبَحْ أُخرى مكانها، ومن لم يذبح فَلْيَذْبَحْ باسم الله».

हदीस की व्याख्या: जिसने नमाज़ पढ़ने से पहले क़ुरबानी कर ली, वह उसके स्थान…

नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने क़ुरबानी के दिन का आरंभ नमाज़ से किया, फिर वक्तव्य दिया और उसके बाद जानवर ज़बह किया। आप अपनी क़ुरबानी के जानवर के साथ ईदगाह जाते थे, ताकि इस्लाम की धार्मिक निशानियों का इज़हार हो सके, अधिक से अधिक लोगों का लाभ हो सके और लोगों को क़ुरबानी का तरीक़ा सिखाया जा सके। आपने लोगों को क़ुरबानी की शर्त तथा उसका हुक्म बताते हुए फ़रमाया : जिसने ईद की नमाज़ से पहले ही जानवर ज़बह कर दिया, उसकी क़ुरबानी सही नहीं हुई। अतः, वह उसके स्थान पर दूसरी क़ुरबानी करे। परन्तु, जिसने अब तक जानवर ज़बह नहीं किया है, वह अब ज़बह करे और ज़बह करते समय अल्लाह का नाम ले, ताकि ज़बह सही हो और ज़बह किया हुआ जानवर हलाल हो। इससे साबित होता है कि क़ुरबानी के दिन इसी क्रम से काम होना चाहिए और इसमें आगे-पीछ करने की गुंजाइश नहीं है।

यह हदीस इस बात का भी प्रमाण है कि क़ुरबानी का जानवर जबह करने का समय नमाज़ समाप्त होने से आरंभ होता है, नमाज़ के समय और इमाम के ज़बह करने से नहीं। हाँ, यदि किसी पर ईद की नमाज़ वाजिब न हो, जैसे मुसाफ़िर आदि, तो उसकी बात अलग है।

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · हज तथा उमरा · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · क़ुरबानी

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لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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