अमल छह प्रकार के हैं और लोग चार प्रकार के हैं। रही बात छह आमाल की, तो उनमें से दो प्रकार क…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे अह़मद ने रिवायत किया है

ह़सन

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अमल छह प्रकार के हैं और लोग चार प्रकार के हैं। रही बात…

عَنْ خُرَيْمِ بْنِ فَاتِكٍ رضي الله عنه قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «الْأَعْمَالُ سِتَّةٌ، وَالنَّاسُ أَرْبَعَةٌ، فَمُوجِبَتَانِ، وَمِثْلٌ بِمِثْلٍ، وَحَسَنَةٌ بِعَشْرِ أَمْثَالِهَا، وَحَسَنَةٌ بِسَبْعِ مِائَةٍ، فَأَمَّا الْمُوجِبَتَانِ: فَمَنْ مَاتَ لَا يُشْرِكُ بِاللهِ شَيْئًا دَخَلَ الْجَنَّةَ، وَمَنْ مَاتَ يُشْرِكُ بِاللهِ شَيْئًا دَخَلَ النَّارَ، وَأَمَّا مِثْلٌ بِمِثْلٍ: فَمَنْ هَمَّ بِحَسَنَةٍ حَتَّى يَشْعُرَهَا قَلْبُهُ، وَيَعْلَمَهَا اللهُ مِنْهُ كُتِبَتْ لَهُ حَسَنَةً، وَمَنْ عَمِلَ سَيِّئَةً، كُتِبَتْ عَلَيْهِ سَيِّئَةً، وَمَنْ عَمِلَ حَسَنَةً فَبِعَشْرِ أَمْثَالِهَا، وَمَنْ أَنْفَقَ نَفَقَةً فِي سَبِيلِ اللهِ فَحَسَنَةٌ بِسَبْعِ مِائَةٍ، وَأَمَّا النَّاسُ، فَمُوَسَّعٌ عَلَيْهِ فِي الدُّنْيَا مَقْتُورٌ عَلَيْهِ فِي الْآخِرَةِ، وَمَقْتُورٌ عَلَيْهِ فِي الدُّنْيَا مُوَسَّعٌ عَلَيْهِ فِي الْآخِرَةِ، وَمَقْتُورٌ عَلَيْهِ فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ، وَمُوَسَّعٌ عَلَيْهِ فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ».

हदीस की व्याख्या: अमल छह प्रकार के हैं और लोग चार प्रकार के हैं। रही बात…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि आमाल छह प्रकार के हैं और लोग चार प्रकार के हैं। छह प्रकार के आमाल इस प्रकार हैं :

1- जो व्यक्ति इस अवस्था में मरा कि किसी को अल्लाह का साझी नहीं ठहराया, उसके लिए जन्नत वाजिब हो जाएगी।

2- जो व्यक्ति इस हालत में मरा कि किसी को अल्लाह का साझी ठहराया, उसपर जहन्नम वाजिब हो जाएगी और वह उसके अंदर हमेशा रहेगा।

यही दोनों अमल वाजिब करने वाले हैं।

3- ऐसा नेकी का काम जिसका इरादा किया गया हो। जिसने कोई नेकी का काम करने की इच्छा मात्र किया और उसका इरादा सच्चा था कि उसे अपने दिल में महसूस किया और अल्लाह ने भी उसकी नीयत को जाना, फिर किसी कारणवश उस नेकी के काम को वह कर न सका, तो उसके लिए एक पूरी नेकी लिखी जाती है।

4- किया हुआ गुनाह का काम। जिसने कोई बुरा काम किया, उसके लिए एक गुनाह लिखा जाता है।

यह दोनों ऐसे अमल हैं, जिनका प्रतिफल काम के बराबर ही मिलता है।

5- नेकी का ऐसा काम, जिसका सवाब उस काम का दस गुनाह मिलता है। जिसने किसी नेकी के काम का इरादा किया और उसे कर भी डाला, उसके लिए दस नेकियाँ लिखी जाती हैं।

6- नेकी का ऐसा काम, जिसका सवाब सात सौ गुना मिलता है। जिसने अल्लाह के मार्ग में कोई चीज़ खर्च की, तो उसके लिए नेकी का यह काम सात सौ गुना लिखा जाता है। यह दरअसल बंदों पर अल्लाह का अनुग्रह एवं कृपा है।

जबकि चार प्रकार के लोग इस तरह हैं :

1- दुनिया में खुशहाल तथा सुखी-संपन्न एवं आख़िरत में कंगाल लोग, जो जहन्नम में जाएँगे। इनसे मुराद मालदार अविश्वासी लोग हैं।

2- दुनिया में कंगाल लेकिन आख़िरत में खुशहाल तथा जन्नत में जाने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले लोग। इनसे मुराद निर्धन मोमिन हैं।

3- दुनिया तथा आख़िरत दोनों स्थानों में कंगाल लोग। इनसे मुराद निर्धन अविश्वासी हैं।

4- दुनिया तथा आख़िरत दोनों जगहों में खुशहाल लोग। इनसे मुराद धनवान् मोमिन हैं।

सीख: अमल छह प्रकार के हैं और लोग चार प्रकार के हैं। रही बात…

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سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद