क्या तुम नहीं सुनते? क्या तुम नहीं सुनते? निश्चय ही सादगी और सरलता ईमान की निशानी है। निश्…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

ह़सन लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों के साथ मिलकर हसन)

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: क्या तुम नहीं सुनते? क्या तुम नहीं सुनते? निश्चय ही साद…

عن أبي أمامة إياس بن ثعلبة الأنصاري الحارثي رضي الله عنه قال: ذكر أصحاب رسول الله صلى الله عليه وسلم يوماً عنده الدنيا، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «ألا تسمعون؟ ألا تسمعون؟ إن البَذَاذَةَ من الإيمان، إن البَذَاذَةَ من الإيمان» قال الراوي: يعني التَّقحُّل.

हदीस की व्याख्या: क्या तुम नहीं सुनते? क्या तुम नहीं सुनते? निश्चय ही साद…

श्रेणियाँ : सद्व्यवहार पर आधारित फ़िक़्ह · सरहनायोग्य आचरण · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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