इस्लाम > Hi > हदीस > ममलत पर आधरत फकह > “अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है, अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है, अल्ला…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयअल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने क़सम खाकर और अपनी बात में ज़ोर देने के लिए तीन बार क़सम खाकर फ़रमाया कि अल्लाह की क़सम वह व्यक्ति मोमिन नहीं हो सकता, अल्लाह की क़सम वह व्यक्ति मोमिन नहीं हो सकता, अल्लाह की क़सम वह व्यक्ति मोमिन नहीं हो सकता। यह सुन सहाबा ने पूछा कि ऐ अल्लाह के रसूल! वह व्यक्ति कौन है जो मोमिन नहीं हो सकता? आपने उत्तर दिया : ऐसा व्यक्ति, जिसके फ़रेब, अत्याचार और बुराई से उसका पड़ोसी सुरक्षित न रहे।
श्रेणियाँ : मामलात पर आधारित फ़िक़्ह · सुलह तथा पड़ोसियों से संबंधित अहकाम · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह