इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > अल्लाह तआला फरमाता हैः प्रतिष्ठा मेरा तहबंद और अभिमान मेरी चादर है। अतः, जो उन दोनों में स…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه قَال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «العز إزاري، والكبرياء ردائي، فمن نازعني بشيء منهما عذبته».
प्रतिष्ठा एवं अभिमान दो ऐसे गुण हैं, जो अल्लाह के साथ खास हैं और इन गुणों में उसका कोई साझी एवं शरीक नहीं है। बिल्कुल वैसे ही, जैसे इन्सान अपनी चादर एवं तहबंद जैसे वस्त्रों में किसी को साझी बनाना गवारा नहीं करता। अतः ये दोनों गुण उसी के साथ लाज़िम हैं और ये अल्लाह की उन विशेषताओं में से हैं, जिनमें उसका कोई साझी नहीं है। ऐसे में, जिसने प्रतिष्ठा एवं अभिमान का दावा किया, उसने अल्लाह की बादशाहत में उससे खींचतान की। और जो अल्लाह से खींचतान करेगा, उसे वह यातना देगा।
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