उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मुहम्मद की जान है, उसके बर्तन आकाश के तारों एवं ग्रहों से …

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मुहम्मद की जान है, उसके…

عَنْ أَبِي ذَرٍّ رضي الله عنه قَالَ: قُلْتُ: يَا رَسُولَ اللهِ مَا آنِيَةُ الْحَوْضِ؟ قَالَ: «وَالَّذِي نَفْسُ مُحَمَّدٍ بِيَدِهِ لَآنِيَتُهُ أَكْثَرُ مِنْ عَدَدِ نُجُومِ السَّمَاءِ وَكَوَاكِبِهَا، أَلَا فِي اللَّيْلَةِ الْمُظْلِمَةِ الْمُصْحِيَةِ، آنِيَةُ الْجَنَّةِ مَنْ شَرِبَ مِنْهَا لَمْ يَظْمَأْ آخِرَ مَا عَلَيْهِ، يَشْخَبُ فِيهِ مِيزَابَانِ مِنَ الْجَنَّةِ، مَنْ شَرِبَ مِنْهُ لَمْ يَظْمَأْ، عَرْضُهُ مِثْلُ طُولِهِ، مَا بَيْنَ عَمَّانَ إِلَى أَيْلَةَ، مَاؤُهُ أَشَدُّ بَيَاضًا مِنَ اللَّبَنِ، وَأَحْلَى مِنَ الْعَسَلِ».

हदीस की व्याख्या: उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मुहम्मद की जान है, उसके…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि क़यामत के दिन आपको प्राप्त हौज़ के बर्तन आकाशों के तारों एवं ग्रहों की संख्या से अधिक होंगे। हौज़ (तालाब) के बर्तनों की संख्या उन तारों एवं ग्रहों की संख्या से अधिक होगी, जो अंधेरी रात में देखने को मिलते हैं, जब आकाश में चाँद नहीं होता। क्योंकि चाँदनी रात में तारे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। ऐसी अंधेरी रात में, जब आकाश में बादल न हो। क्योंकि बादल होने पर तारों को देखने में बाधा उत्पन्न होती है। जन्नत के बर्तनों की एक विशेषता यह होगी, जो उनसे कोई पेय पदार्थ पी लेगा, उसे कभी प्यास नहीं लगेगी। आपके हौज़ (तालाब) में जन्नत के दो परनाले गिर रहे होंगे तथा उसकी लंबाई एवं चौड़ाई समान होगी। उसकी लंबाई अम्मान, जो शाम के बल्क़ा क्षेत्र का एक नगर है, से ऐला के बीच की दूरी के बराबर होगी, जो कि शाम का एक मश्हूर सीमावर्ती नगर है। हौज़ के पानी का रंग दूध से अधिक सफ़ेद और उसका स्वाद शहद से अधिक मीठा होगा।

सीख: उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मुहम्मद की जान है, उसके…

श्रेणियाँ : अक़ीदा · अंतिम दिवस पर ईमान

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद