जिस व्यक्ति ने अपने भाई से 'ऐ काफ़िर' कहा, उसके द्वारा प्रयोग किए गए इस शब्द का हक़दार उन …
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: जिस व्यक्ति ने अपने भाई से 'ऐ काफ़िर' कहा, उसके द्वारा…
हदीस की व्याख्या: जिस व्यक्ति ने अपने भाई से 'ऐ काफ़िर' कहा, उसके द्वारा…
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने इस बात से सावधान किया है कि कोई मुसलमान अपने भाई को 'ऐ काफ़िर' कहे। क्योंकि ऐसा कहने पर इस शब्द का हक़दार दोनों में से एक बन जाता है। अगर सामने वाला व्यक्ति इस शब्द का हक़दार है, तो ठीक है। अगर हक़दार नहीं है, तो यह शब्द ख़ुद कहने वाले की ओर लौट जाएगा।
सीख: जिस व्यक्ति ने अपने भाई से 'ऐ काफ़िर' कहा, उसके द्वारा…
- इस हदीस में एक मुसलमान को इस बात से सावधान किया गया है कि वह अपने भाई को कुफ़्र एवं फ़िस्क़ आदि ऐसे विशेषणों से विशेषित न करे, जो उसके अंदर मौजूद न हों।
- इस प्रकार की बुरी बात से सावधान करना। अपने भाई को इस तरह की बात कहने वाला बड़े ख़तरे में है। इसलिए, अपनी ज़बान पर काबू रखना चाहिए और पूरी समझदारी से ही उसे खोलना चाहिए।
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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