आल-ए-बैत रज़ियल्लाहु अनहुम की फ़ज़ीलतें पर हदीसें

इस्लाम > Hi > हदीस > आल-ए-बैत रज़ियल्लाहु अनहुम की फ़ज़ीलतें

«आल-ए-बैत रज़ियल्लाहु अनहुम की फ़ज़ीलतें» पर 9 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

आल-ए-बैत रज़ियल्लाहु अनहुम की फ़ज़ीलतें पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अल्लाह ने इसमाईल की संतानों में से किनाना को चुन लिया, और किनाना में से क़ुरैश को चुन लिया, तथा क़ुरैश में से बनू हाशिम को चुन लिया, एवं बनू हाशिम में सह़ीह़ फ़ातिमा मेरा अंग है, जिसने उसे नाराज़ किया, उसने मुझे नाराज़ किया। सह़ीह़ जिबरील एक हरे रंग के रेशमी कपड़े में आइशा का चित्र लेकर नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहाः यह दुनिया तथा आख़िरत में आपकी पत्नी है। सह़ीह़ इबराहीम मेरा बेटा है। उसकी मृत्यु दूध पीने की अवस्था में हुई है। उसे दो दूध पिलाने वाली दाईयां प्राप्त होंगी, जो जन्नत में उसे दूध पिलाने का कार्य संप सह़ीह़ मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का, आपके घर वालों के बारे में ख़याल रखो तथा सम्मान करो। सह़ीह़ नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की पत्नियाँ आपके पास मौजूद थीं। इतने में फ़ातिमा- रज़ियल्लाहु अन्हा- चलती हुई आईं। उनके चलने का अंदाज़ अल्लाह के रसूल- सह़ीह़ मुझे अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की किसी पत्नी पर उतनी ग़ैरत नहीं आई, जितनी ख़दीजा- रज़ियल्लाहु अन्हा- पर आई। हालाँकि मैंने उन्हें कभी द सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) बारी का दिन बाँटते समय आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) को दो दिन दिया करते थे। उनका दिन और सौदा (रज़ियल्लाहु अंहा) क सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) अपनी उस बीमारी के दिनों में, जिसमें आपकी मृत्यु हुई, पूछते थेः "मैं कल कहाँ रहूँगा? मैं कल कहाँ रहूँगा?" दरअ
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद