इमाम (शासनाध्यक्ष) के उत्तरदायित्व पर हदीसें

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«इमाम (शासनाध्यक्ष) के उत्तरदायित्व» पर 18 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

इमाम (शासनाध्यक्ष) के उत्तरदायित्व पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अगर बहरैन का धन आया, तो मैं तुम्हें इस तरह, इस तरह और इस तरह दूँगा। सह़ीह़ ऐ अमीरुल मोमेनीन, अल्लाह तआला ने अपने नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से कहा हैः "خذ العفو وأمر بالعرف وأعرض عن الجاهلين" (अर्थात्, क्षमा करते रहें, भल स़ह़ीह़ आने वाले समय में वरीयता दिए जाने के मामले और ऐसी बातें सामने आएँगी, जो तुम्हें बुरी लगेंगी।" सहाबा ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! तो आप हमें क्या आदेश देत सह़ीह़ मुझे याद आया कि हमारे पास सोने का एक टुकड़ा रखा हुआ है। अतः, मुझे यह अच्छा नहीं लगा कि मेरा ध्यान उसी में अटका रहे। सो, मैंने उसे बाँटने का आदेश दे दि सह़ीह़ अल्लाह की क़सम! हम यह कार्य किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं सौंपते, जो माँगकर लेना चाहे अथवा किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं सौंपते, जो उसकी लालसा रखे। सह़ीह़ ऐ बेटे! मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को कहते हुए सुना हैः सबसे बुरे शासक, जनसाधारण पर अत्याचार करने वाले हैं। अतः, तुम ऐसे लोगों मे सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में कुछ लोगों की पकड़ वह्य (प्रकाशना) द्वारा हो जाती थी। परन्तु, अब वह्य का सिलसिला बंद हो चुका है सह़ीह़ ऐ अल्लाह! जो व्यक्ति मेरी उम्मत के किसी मामले का ज़िम्मवार बने और उन्हें कठिनाई में डाले, तू भी उसे कठिनाई में डाल तथा जो व्यक्ति मेरी उम्मत के किसी म सह़ीह़ मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ जा रहा था और आपके शरीर पर एक मोटे किनारे वाली नजरानी चादर थी। इसी बीच, आपको एक देहाती मिला और बड़ सह़ीह़ कूफ़ा वालों ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) के यहाँ साद बिन अबू वक़्क़ास (रज़ियल्लाहु अन्हु) की शिकायत की, तो उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने उनको हटाकर अम्मार सह़ीह़ उमर बिन ख़त्ताब (रज़ियल्लाहु अंहु) ने पहले हिजरत करने वाले मुहाजिरों के लिए पेंशन की राशि निर्धारित की। सह़ीह़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक अज़्दी व्यक्ति, जिसे इब्न अल-लुतबिया कहा जाता था, को ज़कात का धन इकट्ठा करने का ज़िम्मेवार बनाया। जब वह वापस आया, स़ह़ीह़ तुम सब रक्षक हो और तुम सब से तुम्हारे मातहतों के बारे में पूछा जाएगा। सह़ीह़ जो स्वयं किसी कार्य को करने के लिए लालायित हो हम उसको अपने किसी कार्य के लिए उपयोग नहीं करते। परन्तु ऐ अबू मूसा, अथवा ऐ अब्दुल्लाह बिन क़ैस (यह अबू मू सह़ीह़ निःसंदेह अल्लाह ने मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को सत्य के साथ भेजा है और आपके ऊपर (कुरआन नामक) किताब उतारी है। आपपर जो आयतें उतारी गईं हैं, उनम सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) यात्रा में सबसे पीछे चलते तथा कमज़ोर को हाँकते, उसे अपने पीछे सवार कर लेते और उसके लिए दुआ करते। सह़ीह़ जिसको सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह ने मुसलमानों के मामलों का ज़िम्मेवार बनाया तथा वह उनकी आवयश्यकता, ज़रूरत एवं निर्धनता के समय छुपा रहा, तो अल्लाह भी स़ह़ीह़ धर्म, शुभचिंतन का नाम है
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद