खाने-पीने की वस्तुएँ पर हदीसें

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«खाने-पीने की वस्तुएँ» पर 42 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

खाने-पीने की वस्तुएँ पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ मैंने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, हम अहले किताब की धरती में रहते हैं, क्या हम उनके बरतनों में खा सकते हैं? सह़ीह़ हमने मर्रुज़ ज़हरान में एक खरगोश का पीछा किया। भी लोग उसके पीछे दौड़े, लेकिन थक गए। स़ह़ीह़ अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने दो चितकबरे, सींग वाले मेढ़ों की क़ुरबानी की। दोनों को अपने हाथ से ज़बह किया, बिस्मिल्लाह कहा, अल्लाहु अकबर क सह़ीह़ मैंने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! क्या यह हराम है? फ़रमायाः नहीं, परन्तु यह हमारे यहाँ नहीं हुआ करता है। अतः, मुझे इससे घिन महसूस होती है। खालिद (रज़ियल्ला सह़ीह़ हम लोग अबू मूसा अशअरी (रज़ियल्लाहु अनहु) के पास थे। उन्होंने भोजनपट मंगवाया, जिसमें मुर्गी का माँस भी था सह़ीह़ अल्लाह यहूदियों का विनाश करे, उनपर चरबी हराम की गई, तो उन्होंने उसे पिघला कर बेचा स़ह़ीह़ ये चौपाए भी जंगली जानवरों की तरह भाग खड़े होते हैं। इनमें से जिनपर तुम्हारा बस न चले उनके साथ ऐसा ही करो। स़ह़ीह़ जिसने शिकार तथा जानवरों की रखवाली के लिए पाले जाने वाले कुत्ता के अतिरिक्त कोई और कुत्ता पाला, हर दिन उसकी नेकी से दो क़ीरात घटा दिए जाएँगे। सह़ीह़ हम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ सात युद्धों में शामिल हुए और हम उनके दौरान टिड्डी खाते थे सह़ीह़ हमने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के जीवनकाल में एक घोड़ा ज़िबह किया और उसे खाया सह़ीह़ अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने घरेलू गधों का मांस खाने से मना फ़रमाया है और घोड़े का मांस खाने की अनुमति दी है सह़ीह़ मुझे अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने आदेश दिया कि मैं आपकी कुरबानी के जानवरों की देखरेख करूँ तथा उनके मांस, खालों (चमड़ों) और झूलों को सद सह़ीह़ मैंने अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अंहुमा) को देखा कि वह एक व्यक्ति के पास से गुज़रे, जो अपनी ऊँटनी को बिठाकर ज़बह कर रहा था, तो फ़रमायाः उसे खड़ा स़ह़ीह़ अल्लाह ने हर चीज़ के साथ अच्छे बर्ताव को अनिवार्य किया है स़ह़ीह़ निःसंदेह अल्लाह और उसके रसूल ने शराब, मरे हुए जानवर, सुअर और मूर्तियों को हराम किया है। सह़ीह़ क्या ही अच्छा सालन सिरका है! क्या ही अच्छा सालन सिरका है! सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मीठी चीज़ें और मधु पसंद करते थे। सामान्यतः जब अस्र की नमाज़ पढ़ लेते, तो एक-एक कर अपनी पत्नियों के पास जाते सह़ीह़ जब अल्लाह ने वह आयत उतारी, जिसमें शराब को हराम क़रार दिया है, तो उस समय मदीने में प्रयोग होने वाली सारी शराबें खजूर की होती थीं। स़ह़ीह़ हर नशे वाली वस्तु शराब है और हर नशे वाली वस्तु हराम है। जिसने दुनिया में शराब पी और इसी लत के साथ तौबा किए बिना मर गया, वह आख़िरत में उससे वंचित रहेगा सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के लिए चमड़े के बर्तन में किशमिश की नबीज़ बनाई जाती थी, जिसे आप उस दिन तथा दूसरे और तीसरे दिन पीते थे। जब ती सह़ीह़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से शराब के बारे में पूछा गया, तो आपने उन्हें शराब बनाने से मना किया (या शराब बनाने को नापसंद किया।) उन्होंने कहाः मैं त सह़ीह़ "वह आजीविका थी, जिसे अल्लाह ने तुम लोगों के लिए निकाला था। क्या तुम्हारे पास उसका कुछ मांस है कि हमें भी खिला सको?" हमने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अल स़ह़ीह़ अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हर नुकीले दाँत वाले दरिंदे और नाखून (से शिकार करने) वाले परिंदे (का मांस खाने) से मना किया है। सह़ीह़ क्या लकड़बग्घा शिकार है? तो जाबिर (रज़ियल्लाहु अंहु) ने उत्तर दियाः हाँ! सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने पाख़ाना खाने वाले ऊँट पर सवार होने और उसका दूध पीने से मना किया है। सह़ीह़ उम्मे हुफै़द -रज़ियल्लाहु अन्हा- ने, जो अब्दुल्लाह बिन अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- की ख़ाला थीं, नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को पनीर, घी और कुछ सा सह़ीह़ जब तुम किसी शिकार पर तीर चलाओ तथा वह तुम्हारी नज़रों से ओझल हो जाए और फिर उसे बाद में पाओ, तो उसे खाओ, जब तक उसमें बदबू न आ जाए। सह़ीह़ कुछ लोगों ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! कुछ लोग हमारे पास मांस लाते हैं, लेकिन हमें मालूम नहीं होता कि उन्होंने ज़बह करते समय बिस्मिल्लाह कहा है या नहीं। सह़ीह़ एक महिला ने एक बकरी को पत्थर से ज़बह किया और जब नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से उसके बारे में पूछा गया, तो आपने उसे खाने का आदेश दिया। सह़ीह़ हमने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से जानवर के गर्भ के बारे में पूछा, तो फ़रमाया : “यदि चाहो तो उसे खा सकते हो। क्योंकि उसकी माँ को ज़बह क स़ह़ीह़ जो हमारी नमाज़ की तरह नमाज़ पढ़े और हमारे क़िबले की तरफ मुंह करे और हमारा क़ुर्बान किया हुआ जानवर खाए तो वह ऐसा मुसलमान है, जिसे अल्लाह और उसके रसूल स स़ह़ीह़ सुन लो! शराब हराम कर दी गई है। ह़सन जिस चीज़ की अधिक मात्रा नशा लाए, उसकी कम मात्रा भी हराम है। सह़ीह़ जब तुम अपने सधाए हुए कुत्ते को छोड़ो और अल्लाह का नाम लो, तो उसे खाओ जो वह तुम्हारे लिए रोककर रखे। स़ह़ीह़ “अल्लाह ने हर चीज़ में अच्छे बर्ताव को अनिवार्य किया है। स़ह़ीह़ हर नशा वाली वस्तु हराम है। सह़ीह़ तुम्हारे लिए दो प्रकार के मुर्दे तथा दो प्रकार के रक्त हलाल किए गए हैं। जहाँ तक दो मुर्दों की बात है तो वह हैं : मछली और टिड़्डी। और जहाँ तक दो रक्त क सह़ीह़ जब तुममें से किसी के पेय पदार्थ में मक्खी गिर जाए, तो वह उसे उसमें डुबोकर निकाल ले, क्योंकि उसके एक पर में रोग है और दूसरे में शिफ़ा। सह़ीह़ जीवित जानवर के जिस अंश को काट लिया जाए, वह मुर्दा है। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से शराब के बारे में पूछा गया, जिसे सिर्का बना लिया जाता है, तो आपने फ़रमाया : “ नहीं ” सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने छिपकली को मारने का आदेश दिया और फ़रमाया: यह इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) पर फूँक मारती थी सह़ीह़ जिसने पहले ही वार में किसी छिपकली को मारा, उसके लिए सौ नेकी लिख दी जाएगी और दूसरे वार में मारने पर उस से कम और तीसरे वार में मारने पर उससे भी कम
بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.7 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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