नफ़ल सदक़ा पर हदीसें

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«नफ़ल सदक़ा» पर 27 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

नफ़ल सदक़ा पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अमानतदार, मुसलमान कोषाधिकारी, जो खुशी-खुशी अक्षरशः उसका पालन करता हो, जिसका आदेश उसे मिला हो और वहीं खर्च करता हो, जहाँ खर्च करने का आदेश उसे दिया गया सह़ीह़ जो इन पुत्रियों के द्वारा कुछ आज़माया जाए, फिर वह उनके साथ अच्छा व्यवहार करे, तो वे उनके लिए जहन्नम की आग से बचाव का माध्यम बन जाएँगी। स़ह़ीह़ जिस दिन भी बंदे सुबह करते हैं, दो फ़रिश्ते उतरते हैं; एक कहता है : ऐ अल्लाह ख़र्च करने वाले को उत्तम प्रतिफल प्रदान कर। जबकि दूसरा कहता है : ऐ अल्लाह, ह़सन सबसे उत्तम दान, अल्लाह की राह में टेंट की छाया उपलब्ध कराना, अल्लाह की राह में सेवक प्रदान करना या अल्लाह की राह में जवान मादा ऊँटनी देना है। सह़ीह़ ऊपर वाला हाथ नीचे वाले हाथ से बेहतर है। ऊपर वाला हाथ खर्च करने वाला हाथ है और नीचे वाला हाथ माँगने वाला हाथ है सह़ीह़ तो सुनो, उसका धन वह है, जो उसने आगे भेज दिया और उसके वारिस का धन वह है, जो उसने पीछे छोड़ दिया सह़ीह़ ईर्ष्या, केवल दो प्रकार के लोगों से रखना जायज़ है; एक वह व्यक्ति, जिसे अल्लाह ने धन प्रदान किया हो तथा उसने उस धन को सत्य के मार्ग में खर्च करने पर लग सह़ीह़ सबसे बड़ा प्रतिफल वाला सदक़ा कौन-सा है? आपने फरमायाः वह सदक़ा, जो तुम उस समय करो, जब तुम सेहतमंद एवं लोभी हो; तुम्हें निर्धन हो जाने का डर सताए और माल सह़ीह़ बहुत ख़ूब, यह तो बहुत लाभदायक माल है। यह तो वाकई लाभदायक धन है। जो कुछ तुमने कहा, उसे मैंने सुन लिया। मेरी राय यह है कि तुम इसे अपने रिश्तेदारों में ब स़ह़ीह़ “‎क्या अल्लाह ने तुम्हारे लिए वह चीज़ें नहीं बनाई हैं, जिनसे तुम सदक़ा कर सकते हो? हर तस्बीह (सुब्हानल्लाह कहना) सदक़ा है, हर तकबीर (अल्लाहु अकबर कहना सह़ीह़ ऐ यज़ीद! तेरे लिए वही है, जिसकी तूने नीयत की और ऐ मअन! तेरे लिए वह है, जो तूने लिया। सह़ीह़ तेरे लिए इसके बदले में क़यामत के दिन सात सौ नकेल लगी हुई ऊँटनियाँ हैं। ह़सन खाओ, पियो और दान करो। हाँ, मगर घमंड और फ़िज़ूलख़र्ची को राह न दो। स़ह़ीह़ “सदक़ा करने से किसी का माल कम नहीं होता है, बंदो को क्षमा करने से अल्लाह माफ़ करने वाले के आदर-सम्मान को और बढ़ा देता है और जो व्यक्ति अल्लाह के लिए व सह़ीह़ एक व्यक्ति एक सुनसान मैदान में चल रहा था कि उसने बादल से एक आवाज़ सुनी। स़ह़ीह़ अल्लाह फ़रमाता है : ऐ आदम की संतान! व्यय (खर्च) करो, तुमपर व्यय किया जाएगा। सह़ीह़ "उसका कितना भाग कितना भाग बचा हुआ है?" लोगों ने उत्तर दिया : केवल उसका कंधा बचा हुआ है। आपने कहा : "कंधे के सिवा पूरा बचा हुआ है।" स़ह़ीह़ एक दीनार जो तुमने अल्लाह के रास्ते में खर्च किया, एक दीनार जो तुमने किसी दास को मुक्त करने के लिए खर्च किया, एक दीनार जो तुमने किसी निर्धन को दान किया सह़ीह़ सर्वोत्तम सदका वह है जो अपनी आवश्यकता के बराबर धन बचाकर रखने के बाद किया जाए, ऊपर वाला हाथ नीचे वाले हाथ से उत्तम है और तुममें से हर व्यक्ति को चाहिए सह़ीह़ ख़र्च करो और गिन-गिनकर न रखो, वरना अल्लाह भी तुझपर गिनकर रखेगा तथा तिजोरी बंद करके न रखो, वरना अल्लाह भी तेरे साथ यही करेगा। सह़ीह़ कंजूस और खर्च करने वाले का उदाहरण उन दो व्यक्तियों की तरह है, जिनपर छाती से लेकर हँसली तक लोहे के दो कवच हों। सह़ीह़ जो व्यक्ति हलाल की कमाई से खजूर के बराबर भी कोई वस्तु सदक़ा करता है और वैसे भी अल्लाह केवल हलाल वस्तु ही को स्वीकार करता है, तो अल्लाह उसे अपने दाहिने सह़ीह़ हम लोग किसी सफ़र में नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ थे कि इसी बीच एक व्यक्ति सवार होकर आया। ह़सन अमल छह प्रकार के हैं और लोग चार प्रकार के हैं। रही बात छह आमाल की, तो उनमें से दो प्रकार के अमल वाजिब करने वाले हैं, दो प्रकार के अमल बराबर-बराबर हैं, सभी सनदों के आधार पर ह़सन हे अल्लाह के रसूल! साद की माता मृत्यु को प्राप्त हो चुकी है। ऐसे में कौन-सा सदक़ा सर्वश्रेष्ठ है? फ़रमाया : "पानी।" कहते हैं कि उन्होंने एक कुआँ खुदवा स़ह़ीह़ ''तुममें से हर एक के साथ अल्लाह बात करेगा, इस तरह कि उसके और उसके रब के बीच कोई अनुवादक न होगा। सह़ीह़ एक व्यक्ति ने कहा कि मैं सद्क़ा करूंगा, अतः वह सद्का लेकर निकला और उसे एक चोर को थमा दिया, तो लोग कहने लगे: चोर को सद्क़ा दिया गया है
بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद