अपने घरों को क़ब्रिस्तान मत बनने दो। शैतान उस घर से भाग जाता है, जिस घर में सूरा बक़रा पढ़…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: अपने घरों को क़ब्रिस्तान मत बनने दो। शैतान उस घर से भाग…
عن أبي هريرة رضي الله عنه: أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «لَا تَجْعَلُوا بُيُوتَكُمْ مَقَابِرَ، إِنَّ الشَّيْطَانَ يَنْفِرُ مِنَ الْبَيْتِ الَّذِي تُقْرَأُ فِيهِ سُورَةُ الْبَقَرَةِ».
हदीस की व्याख्या: अपने घरों को क़ब्रिस्तान मत बनने दो। शैतान उस घर से भाग…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने घरों को नमाज़ से खाली रखने से मना किया है कि वे क़ब्रिस्तान की तरह हो जाएँ, जहाँ नमाज़ नहीं पढ़ी जाती।
फिर बताया कि शैतान उस घर से दूर भागता है, जिसमें सूरा बक़रा पढ़ी जाती है।
सीख: अपने घरों को क़ब्रिस्तान मत बनने दो। शैतान उस घर से भाग…
- घरों में ज़्यादा से ज़्यादा इबादतें करना और नफ़ल नमाज़ पढ़ना मुसतहब है।
- क़ब्रिस्तानों में नमाज़ पढ़ना जायज़ नहीं है। क्योंकि यह शिर्क तथा क़ब्रों में दफ़न लोगों के बारे में अतिशयोक्ति का ज़रिया है। लेकिन जनाज़े की नमाज़ की बात इससे अलग है।
- चूँकि क़ब्रों के पास नमाज़ न पढ़ने की बात सहाबा के यहाँ स्थापित थी, इसलिए अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि घरों को क़ब्रिस्तान की तरह न बनाओ कि वहाँ नमाज़ पढ़ना छोड़ दो।
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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