हम (मासिक धर्म से) पाक होने के बाद मटमैले और पीले रंग के पानी को कुछ शुमार नहीं करती थीं।

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हदीस वर्णनकर्ता: इस ह़दीस़ को अबू दावूद ने इन शब्दों के साथ रिवायत किया है। जबकि बुख़ारी ने (بعد الطهر, अर्थात; पवित्र हो जाने के बाद) की वृद्धि के बिना रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: हम (मासिक धर्म से) पाक होने के बाद मटमैले और पीले रंग क…

हदीस की व्याख्या: हम (मासिक धर्म से) पाक होने के बाद मटमैले और पीले रंग क…

सहाबिया उम्म-ए-अतिया रज़ियल्लाहु अनहा बताती हैं कि औरतें अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के ज़माने में माहवारी से पाक हो जाने के बाद योनि से निकलने वाले हल्के काले या हल्के पीले रंग के पानी को माहवारी का खून नहीं समझती थीं और इसके कारण नमाज़ एवं रोज़ा नहीं छोड़ती थीं।

सीख: हम (मासिक धर्म से) पाक होने के बाद मटमैले और पीले रंग क…

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بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद