किसी को रात या दिन के जिस भाग में चाहे, इस घर का तवाफ़ (परिक्रमा) करने या इसमें नमाज़ पढ़न…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे नसाई ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है। - इसे दारिमी ने रिवायत किया है।
सह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: किसी को रात या दिन के जिस भाग में चाहे, इस घर का तवाफ़…
عن جُبير بن مُطعم رضي الله عنه مرفوعًا: «لا تَمْنَعُوا أحدًا يطوف بهذا البيت، ويصلي أي سَاعة شاء من لَيل أو نَهار».
हदीस की व्याख्या: किसी को रात या दिन के जिस भाग में चाहे, इस घर का तवाफ़…
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इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· नमाज़
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· वो समय, जिनमें नमाज़ पढ़ना मना है
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
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