पूरब और पश्चिम के बीच जो फ़ासला है, वह क़िबला है।
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे मालिक ने रिवायत किया है।
सह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: पूरब और पश्चिम के बीच जो फ़ासला है, वह क़िबला है।
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «ما بَيْن المَشْرِق والمَغْرِب قِبْلة».
हदीस की व्याख्या: पूरब और पश्चिम के बीच जो फ़ासला है, वह क़िबला है।
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