इब्ने उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- अपने हाथों को घुटनों से पहले रखते थे, और फरमाया किः नबी- स…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने ख़ुज़ैमा ने रिवायत किया है ।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: इब्ने उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- अपने हाथों को घुटनों से…

كان ابن عمر يَضع يديه قبل رُكْبَتَيِه، وقال: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم يَفعل ذلك.

हदीस की व्याख्या: इब्ने उमर- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- अपने हाथों को घुटनों से…

यह हदीस इस बात को प्रमाणित करती है कि नमाज़ी सजदे में जाते समय अपने घुटनों से पहले हाथों को रखेगा। लेकिन इसके विपरीत वाइल बिन हुज्र -रज़ियल्लाहु अनहु- की हदीस यह बताती है कि नमाज़ी सजदे में जाते समय हाथों से पहले घुटनों को रखेगा। सच पूछिए तो यह एक इजतिहादी मसला है और इसमें दोनों पर अमल करने की गुंजाइश है। यही कारण है कि कुछ फ़क़ीहों ने नमाज़ी को दोनों में से जिसपर चाहे, अमल करने का इख़्तियार दिया है। इसका कारण यह है कि या तो दोनों पक्ष की हदीसें दुर्बल हैं, या फिर दोनों तरह की हदीसें एक-दूसरी से टकरा रही हैं और उनकी नज़र में उनमें से किसी को किसी पर प्राथमिकता देने का कोई प्रबल कारण नहीं मिलता। परिणामस्वरूप आदमी को इख़्तियार है कि वह दोनों सूरतों में से जिसपर चाहे अमल करे।

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أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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