तुममें से जो कोई नमाज़ पढ़ने के लिए आए तो उसे चाहिए कि वह वैसी ही अवस्था में हो जाए जैसा इ…
इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > तुममें से जो कोई नमाज़ पढ़ने के लिए आए तो उसे चाहिए कि वह वैसी ही अवस्था में हो जाए जैसा इ…
हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है।
सह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समय
हदीस का पाठ: तुममें से जो कोई नमाज़ पढ़ने के लिए आए तो उसे चाहिए कि…
عن علي بن أبي طالب، ومعاذ بن جبل رضي الله عنهما مرفوعًا: «إذا أتى أحدُكم الصلاةَ والإمامُ على حال، فلْيصنعْ كما يصنع الإمامُ».
हदीस की व्याख्या: तुममें से जो कोई नमाज़ पढ़ने के लिए आए तो उसे चाहिए कि…
जब तुममें से कोई नमाज़ पढ़ने पहुँचे और इमान क़याम, रुकू, सजदा या बैठक आदि किसी हालत में हो, तो इमाम को क़याम अथवा रुकू आदि जिस अवस्था में पाए, उसी में उसके साथ हो जाए और उसके खड़े होने की प्रतीक्षा न करे, जैसा कि कुछ लोग करते हैं।
सीख: तुममें से जो कोई नमाज़ पढ़ने के लिए आए तो उसे चाहिए कि…
- इमाम के साथ बाद में नमाज़ में मिलने वाले को आदेश कि वह इमाम को जिस अवस्था में पाए उसी में उसके साथ हो जाए। इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि वह रुकू में है या सजदे में या फिर बैठक में।
- बाद में मिलने वाला इमाम को जिस रकात में पाए, वह रकात उसे उसका रुकू पाने से मिल जाती है। यह बात अन्य हदीसों से प्रमाणित है।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· नमाज़
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· इमाम तथा उसके पीछे नमाज़ पढ़ने वाले के अहकाम
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
لا إله إلا الله
अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं